कृषि क्षेत्र को लेकर अच्छी रिपोर्ट, इस सीजन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर होगा भारत में खाद्यान्न उत्पादन
नई दिल्ली, 17 अगस्त: सीजन 2021-22 के दौरान भारत में खाद्यान्न का उत्पादन रिकॉर्ड 315.72 मिलियन टन होने का अनुमान है, जोकि 2020-21 के दौरान कटाई की तुलना में 4.98 मिलियन टन ज्यादा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को कृषि फसलों के उत्पादन का चौथा अग्रिम अनुमान जारी किया। इसके मुताबिक 2021-22 में उत्पादन पिछले पांच वर्षों (2016-17 से 2020-21) के औसत उत्पादन की तुलना में 25 मिलियन टन अधिक होने का अनुमान है। मंत्रालय के मुताबिक इस बार चावल, मक्का, चना, दलहन, सरसों, तिलहन और गन्ना के लिए रिकॉर्ड फसल की उम्मीद है।

मामले में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के लिए काफी काम कर रही है। ये किसानों और वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है। भविष्य में इसे और ज्यादा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। वहीं ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चावल कुल 130.29 मिलियन टन, गेहूं 106.84 मिलियन टन, मोटा अनाज 50.90 मिलियन टन, मक्का 33.62 मिलियन टन, दलहन 27.69 मिलियन टन, अरहर 4.34 मिलियन टन, चना 13.75 मिलियन टन, तिलहन 37.70 मिलियन टन होने की उम्मीद है। इसके अलावा मूंगफली 10.11 मिलियन टन, सोयाबीन 12.99 मिलियन टन, सरसों 11.75 मिलियन टन और गन्ने के 431.81 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले 5 साल में चावल का औसत उत्पादन 116.44 मिलियन टन हुआ, जबकि इस बार 130.29 मिलियन टन का अनुमान है, ऐसे में ये औसत से 13.85 मिलियन टन ज्यादा है। इसी तरह गेंहू का उत्पादन भी औसत से 2.96 मिलियन टन ज्यादा है। वहीं भारत में किसानों ने इस खरीफ सीजन में कम धान की बुवाई की है। उपलब्ध रकबे के आंकड़ों के अनुसार, धान की खेती का रकबा पिछले सीजन की तुलना में 13 प्रतिशत कम है।












Click it and Unblock the Notifications