'मारा नहीं, लेकिन गाली-गलौज दी गई है', रान्या राव ने हिरासत में उत्पीड़न का लगाया आरोप, जानें क्या-क्या कहा?
Ranya Rao (Gold smuggling Case): गोल्ड स्मगलिंग केस में फंसी कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव ने सोमवार (10 मार्च) को अदालत में बताया कि उनका हिरासत में उत्पीड़न हुआ है। रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14.8 किलोग्राम सोना रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
रान्या राव को आज अदालत में पेश किया गया था। अदालत में सुनवाई के दौरान रान्या राव ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि जब भी वह उनके सवालों का जवाब देना बंद करती हैं तो अधिकारी उनके साथ गाली-गलौज करते हैं।

हाई-प्रोफाइल सोना तस्करी मामले में गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को आर्थिक अपराधों की विशेष अदालत ने डीआरआई को रान्या राव की हिरासत 10 मार्च तक के लिए दे दी। उन्हें न्यायमूर्ति विश्वनाथ सी गौड़र के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने एजेंसी को सोमवार तक हिरासत में रखने की अनुमति दी है।
अधिकारी ने कोर्ट में कहा- रान्या राव का उत्पीड़न नहीं किया गया है
अदालती कार्यवाही के दौरान जांच अधिकारी ने न्यायाधीश को बताया कि रान्या राव को डीआरआई अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया गया।
अधिकारी ने कहा, "पूछताछ के दौरान वह किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करती है। जब भी हम पूछते हैं, वह चुप रहती है। हमने पूरी जांच रिकॉर्ड कर ली है।"
आईओ ने आगे आरोप लगाया कि सबूत दिखाए जाने और खास सवाल पूछे जाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। आईओ ने आरोप लगाया, " रान्या राव अदालत में प्रवेश करते ही उसके वकीलों ने उसे बताया कि उसे क्या कहना है।"
रान्या राव बोलीं- मैं जवाब नहीं देती हूं तो ये मुझे धमकाते हैं
इन खुलासों के बाद जज ने रान्या राव की कानूनी टीम से उसके बयानों को प्रभावित करने में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की। रान्या राव ने जज को बताया कि उसे धमकाया गया और उसके साथ गाली-गलौज की गई। रान्या राव ने जज को बताया, "अगर मैं जवाब नहीं देती, तो वे मुझे धमकाते हैं और कहते हैं, 'तुम्हें पता है कि अगर तुम नहीं बोलोगी तो क्या होगा।"
रान्या राव बोलीं- उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है
रान्या राव ने कांपती हुई आवाज में दावा किया कि उसे मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। जब रान्या से पूछा गया कि उसे मेडिकल सपोर्ट दिया गया या "थर्ड-डिग्री पूछताछ" की गई, तो उसने जज से कहा, "उन्होंने मुझे मारा नहीं, लेकिन उन्होंने मुझे बुरी तरह से गाली दी। इससे मुझे बहुत मानसिक परेशानी हुई है।"
इसके जवाब में जज ने पूछा, "आपको अपने वकील से बात करने के लिए 30 मिनट दिए गए थे। आपने उन्हें क्यों नहीं बताया? उन्होंने इस बारे में याचिका क्यों नहीं दायर की?"
रान्या राव ने यह भी दावा किया कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। उसने जज से कहा, "मैंने जांच में पूरा सहयोग किया है। मैंने केवल तीसरी तारीख को हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, लेकिन उसके बाद मैंने जांच में सहयोग किया।"
जब जज के सामने फूट-फूट कर रोने लगी रान्या राव?
रान्या राव ने जज से कहा, "मैंने पूछताछ का जवाब दिया है लेकिन उन्होंने फिर भी मुझ पर हर चीज पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला।'' उसने जज से ये कहा और फूट-फूट कर रोने लगी और पूछा, "वे मेरे घर का नक्शा क्यों बना रहे हैं? इसकी क्या जरूरत है?"
भावुक रान्या राव ने डीआरआई अधिकारियों पर उन्हें अज्ञात स्थानों पर ले जाने और उन्हें मजबूर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने गुजारिश करते हुए कहा, "मैं वादा करती हूं, सर, वे यही कर रहे हैं।" रान्या राव ने डीआरआई की कानूनी टीम पर भी आरोप लगाते हुए पूछा, "वकील जांच में क्यों शामिल हैं?"












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