डोकलाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों पर क्या पलीता लगा रहे हैं जनरल रावत?

भारतीय आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान पर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में संपादकीय छपा है। इसमें कहा गया है कि यह बात स्वीकार की जानी चाहिए कि बिपिन रावत के पास बहुत बड़ा मुंह है।

नई दिल्ली। डोकलाम मामले पर चीन के आक्रामक रुख के बावजूद जिस तरह से भारत ने पूरे मामले को संभाला, उसका असर भी हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति कामयाब रही और डोकलाम पर चीन को अपने पैर पीछे खींचने को मजबूर होना पड़ा। इस बड़ी कूटनीतिक कामयाबी के बाद जिस तरह से भारतीय आर्मी चीफ बिपिन रावत का हाल ही में युद्ध संबंधी बयान आया, उससे विवाद बढ़ने लगा है।

ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में उठाए गए सवाल

आर्मी चीफ के दो मोर्चों पर लड़ाई वाले बयान पर चीनी मीडिया ने सवाल खड़े किए हैं। चीनी मीडिया की ओर से निशाना साधते हुए कहा गया है कि जिस तरह से भारतीय आर्मी चीफ ने बयान दिया है, इससे दिल्ली और बीजिंग के बीच हालात माहौल को गरमा सकते हैं।

बिपिन रावत के बयान पर भड़की चीनी मीडिया

बिपिन रावत के बयान पर भड़की चीनी मीडिया

भारतीय आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान पर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में संपादकीय छपा है। इसमें कहा गया है कि यह बात स्वीकार की जानी चाहिए कि बिपिन रावत के पास बहुत बड़ा मुंह है और वे बीजिंग और नई दिल्ली के बीच आग को भड़का सकते हैं। ग्लोबल टाइम्स में छपे संपादकीय में कहा गया है कि बिपिन रावत का अहंकार से भरा बयान भारत की छवि को प्रभावित कर सकता है।

चीनी मीडिया का दावा- द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है असर

चीनी मीडिया का दावा- द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है असर

इसमें कहा गया है कि आर्मी चीफ का बयान ऐसे वक्त में आया है जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार आ रहा है। इसका असर ब्रिक्स की बैठक में भी देखने को मिला। हालांकि अब बिपिन रावत के बयान से जो संदेश उभर रहे हैं वो भारत और चीन के बीच सुधर रहे संबंधों के बिल्कुल उलट है।

ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में उठाए सवाल

ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में उठाए सवाल

चीनी समाचार पत्र के संपादकीय में इस ओर भी इशारा किया गया है कि भारत एक वक्त में चीन और पाकिस्तान को संभालने में सक्षम नजर नहीं आ रहा। चीन की ओर से कहा गया है कि जनरल बिपिन रावत को वर्तमान स्थिति को समझने की जरुरत है।

चीनी मीडिया ने उठाए सवाल

चीनी मीडिया ने उठाए सवाल

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि ऐसा लग रहा है वहां दो भारत हैं, एक जो चीन की तरह ब्रिक्स समूह का हिस्सा बना और दूसरा चीन के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहते हैं। संपादकीय में कहा गया है कि पहले भारत को दूसरे भारत को अनुशासन सिखाना चाहिए। स्वाभिमानी भारतीयों को जनरल रावत जैसे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मुंह का ख्याल रखना चाहिए।

आर्मी चीफ ने दिया था ये बयान

आर्मी चीफ ने दिया था ये बयान

बता दें कि दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि भारत को चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। आर्मी चीफ ने कहा था कि हमें उत्तरी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर पूरी तरह से मुस्तैद रहने की जरुरता है।

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