मोदी संग मंच साझा करना पड़ा महंगा, ‘सीक्रेट ऑपरेशन’के आरोप में फंसे वीके सिंह
नयी दिल्ली। समाजसेवी अन्ना हजारे के सहयोगी और पूर् सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह को मोदी के साथ दोस्ती महंगी पड़ती नजर आ रही है। हरियाणा के रेवाड़ी में पूर्व सैनिकों के समारोह में बीजेपी के पीएम इन वेटिंग नरेन्द्र मोदी के साथ मंच पर जनरल वीके सिंह भी मौजूद थे। मोदी के साथ मिलाने के बाद पूर्व थल सेनाध्यक्ष वीके सिंह जांच के घेरे में आ सकते हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह के खिलाफ आरोपों की झरी लग गई है।
सेना ने उनके खिलाफ कई गंभीर मामलों में रक्षा मंत्रालय से जांच की सिफारिश की है। सिंह ने मोदी के साथ हाथ क्या मिलाया उनके खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त तैयार हो गई। वीके सिंह पर जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार को अस्थिर करने के लिए सीक्रेट सर्विस फंड का दुरुपयोग करने, रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों की अवैध तरीके से फोन टेप करने, वित्तीय गड़बड़ियां करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

आरोपों की जहां लिस्ट लंबी होती जा रही है वहीं अब सिंह सरकार के घेरे में आ गए है। उम्र विवाद को लेकर वीके सिंह और सरकार का पहले ही आमना-सामना हो चुका है। ऐसे में इस तरह के गंभीर आरोप लगने के बाद मानना जा रहा है रक्षा मंत्रालय वीके सिंह के खिलाफ इन आरोपों की जांच सीबीआई से करवा सकता है।
अगर रक्षा मंत्रालय इन आरोपों की जांच सीबीआई से कराने को तैयार हो जाता है तो जनरल की मुश्किलें बढ़ सकती है। सूत्रों से मिला जानकारी के बाद जनरल के खिलाफ हुए इन खुलासों की रिपोर्ट मंत्रायल ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दी है ताकि उनके खिलाफ ठोस कदम उठाए जा सके। सेना की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल वीके सिंह ने सेना के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर सीक्रेट इंटेलिजेंस यूनिट तैयार की। इस यूनिट ने सेना में गैरकानूनी काम के अलावा कई वित्तीय गड़बड़ियां की। इस यूनिक ने अवैध रुप से रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के फोन टैप किए।
सेना ने रक्षा मंत्रालय से वीके सिंह के इस सीक्रेट अभियान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है। वीके सिंह के खिलाफ सेना द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह के टॉप सीक्रेट यूनिट के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित अधिकारी बोर्ड के सैन्य अभियान के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया ने तैयार किया है। इस रिपोर्ट में किए गए खुलासो ने पूर्व सेनाध्यक्ष की मुसीबतें बढ़ा दी है। हलांकि अपने खि लाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए जनरल वीके सिंह ने कहा कि ये सब साजिश के तहत किया जा रहा है क्योंकि कुछ लोग उनके द्वारा देश के पूर्व सैनिकों के हितों के लिए नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने से सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।












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