गरीब कल्याण रोजगार योजना को लेकर वित्तमंत्री ने किए अहम ऐलान, उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (गुरुवार) गरीब कल्याण रोजगार अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि इसका मकसद मजदूरों को लाभ पहुंचाना है। खासतौर से वो मजदूर जिनको लॉकडाउन के बाद गावों को लौटना पड़ा है। पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना को प्रधानमंत्री 20 जून को लॉन्च करने वाले हैं। प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए लॉन्च हो रही यह योजना 50,000 करोड़ रुपए की है। योजना के बारे में वित्तमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बड़ी बातें कही हैं-

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    Migrant Workers को गांव में ही मिलेगा रोजगार, Nirmala Sitharaman ने किए बड़े ऐलान | वनइंडिया हिंदी
    Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan

    • वित्तमंत्री ने गरीब कल्याण कैंपेन के बारे में कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में इंफ्रा और रोजगार को पैदा करने का है। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को बिहार के खगड़िया से लॉन्च करेंगे।
    • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहा, देशभर के मजदूर लॉकडाउन शुरू होने के बाद गांवों में वापस जाना चाहते थे और केंद्र और राज्य सरकारों ने उन्हें भेजने में व्यवस्था की। हमने उन जिलों पर ध्यान दिया है, जहां वे बड़े पैमाने पर लौटे हैं।
    • हमने पाया कि प्रवासी मजदूर 6 राज्यों के 116 जिलों में सबसे ज्यादा वापस आए हैं। जिनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और राजस्थान शामिल है।
    • वित्तमंत्री ने कहा, इन जिलों में लोगों कै कौशल की सरकार ने मैपिंग की है कि किस तरह से लोगों को रोजगार देना है।
    • लॉकडाउन के बाद पूरे देश में बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गांवों को गए हैं। राज्यों ने इसके लिए परिवहन की व्यवस्था भी की थी। हम उन जिलों की पहचान कर रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा मजदूर लौटे हैं।
    • इस अभियान के तहत सरकार के 25 स्कीम शुरू करेगी, जिनमें 50,000 करोड़ रुपए के काम कराए जाएंगे। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को काम दिया जाएगा।
    • श्रमिकों को उनके स्किल के अनुसार काम दिया जाएगा। जिससे कि उनकी रोजी-रोटी की व्यवस्था होगी। इस योजना की समयसीमा 125 दिनों की है, इसके जरिए 25,000 मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
    • गरीब कल्याण रोजगार अभियान में 125 दिनों में सरकार की करीब 25 योजनाओं को एक साथ लाया जाएगा। इन 125 दिनों में हर योजना को उसके उच्चतम स्तर पर लेकर जाएंगे।
    • जिन जिलों में ज्यादा श्रमिक लौटे हैं उनमें सरकार की इन 25 योजनाओं में जिसको भी काम की जरूरत है उसे काम दिया जाएगा।
    • जो श्रमिक वापस लौटे हैं उनका उपयोग करते हुए इन 25 अलग-अलग कामों के अंदर जो भी लक्ष्य हासिल करना है उसे हासिल किया जाएगा। इन 25 योजनाओं को कुल मिलाकर जो पैसा आवंटित किया गया वो करीब 50,000 करोड़ है।
    • इस योजना के तहत में बिहार के 32, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22 , ओडिशा के 4, झारखंड के 3 जिलों के प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा। इन जिलों में लगभग 67 लाख प्रवासी मजदूर हैं।
    • गरीब कल्याण रोजगार अभियान का फंड बजट का हिस्सा है, इस योजना में प्रवासी मजदूर एसेट क्रिएशन में मदद करेंगे।
    • योजना में अभियान के तहत कम्युनिटी सैनिटाइजेशन कॉम्पलेक्स, ग्राम पंचायत भवन, वित्त आयोग के फंड के अंतर्गत आने वाले काम, नैशनल हाइवे वर्क्स, जल संरक्षण और सिंचाई, कुएं की खुदाई, पौधारोपण, हॉर्टिकल्चर, आंगनवाड़ी केंद्र, पीएमआवास योजना (ग्रामीण), पीएम ग्राम संड़क योजना, रेलवे, श्यामा प्रसाद मुखर्जी RURBAN मिशन, पीएम KUSUM, भारत नेट के फाइबर ऑप्टिक बिछाने, जल जीवन मिशन आदि के काम कराए जाएंगे।

    बता दें कि कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन से प्रभावित गरीब और मजदूरों को मदद पहुंचाने के लिए मोदी सरकार 20 जून को इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करेगी। पीएम मोदी खुद इस योजना को लांच करेंगे। गरीब कल्याण रोगजार अभियान के नाम से शुरू होने वाली योजना से मूल रूप से ग्रामीण इलाकों के गरीबों को अधिक लाभ होगा। यह केंद्र सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का हिस्सा है। सरकार इस योजना के तहत पूरे देश में 120 जिलों पर खास फोकस करेगी है। इनमें पचास से अधिक जिले बिहार और उत्तर प्रदेश में हैं।

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