अथाह संपत्ति का मालिक है BSP का पूर्व MLC और खनन माफिया हाजी इकबाल, जानिए कैसे खड़ा किया अरबों का साम्राज्य?
Gangster Haji Iqbal Property: खनन माफिया और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल पर जब से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की है, तब से वो अपनी संपत्तियों को लेकर सुर्खियों में है। फिलहाल हाजी इकबाल दुबई में छिपा है। हाजी इकबाल के पास अथाह संपत्ति है।
ईडी ने हाल ही में सहारनपुर की ग्लोकल यूनिवर्सिटी की 4440 करोड़ रुपये की 121 एकड़ भूमि और भवनों को अस्थाई तौर पर जब्त कर लिया है। ये सारी संपत्तियां अब्दुल वाहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर रजिस्टर हैं। इस ट्रस्ट का प्रबंधन, नियंत्रण और संचालन हाजी इकबाल और उनके परिवार द्वारा किया जाता है।

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मोहम्मद इकबाल की पहले भी अरबों की संपत्ति सरकार द्वारा जब्त की जा चुकी है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर हाजी इकबाल के पास कुल कितनी संपत्ति है। आइए जानते हैं हाजी इकबाल के पास कितनी संपत्ति है और उसने ये अरबों का साम्राज्य कैसे खड़ा किया?
Haji Iqbal asset:हाजी इकबाल के पास कितनी संपत्ति?
हाजी इकबाल के पास अरबों की संपत्ति है। उसकी संपत्ति का सटीक अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। सपा और बसपा की सरकार में मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा खनन माफिया हुआ करता था। उसने करोड़ों का अवैध कारोबार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैलाकर रखा था। उसके नाम पर अब भी कई अवैध संपत्ति दर्ज है।
उसकी संपत्ति का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उसकी पहले भी अरबों की संपत्ति सरकार जब्त कर चुकी है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों हाजी इकबाल पूरे प्रदेश भर में चर्चित है। हाजी इकबाल और उनके साथियों की लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर समेत 63 संपत्तियों को तो पुलिस ने चिन्हित कर रखा है।

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साल 2021 में ईडी ने हाजी इकबाल की 1097 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी। मई 2022 में सहारनपुर पुलिस ने हाजी इकबाल के करीबियों की 107 करोड़ की 123 संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया था। जांच में पता चला कि हाजी इकबाल और उसके गैंग के नाम पर कुल 123 संपत्तियां दर्ज थीं। जिसकी कीमत 36 करोड़ 40 लाख से अधिक थी। ये सारी संपत्तियां हाइवे के किनारे थी।
इतना ही नहीं, मई 2022 में हाजी इकबाल के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई में सहारनपुर पुलिस ने राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ मिलकर इसकी 21 करोड़ की 50 बेनामी संपत्तियों को भी कुर्क किया था। बसपा सरकार में चीनी मिल को भी उसने बहुत कम दामों में खरीदा था और अरबों की संपत्ति बनाई थी।
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कैसे शहद बेचने वाले हाजी इकबाल ने खड़ा किया अरबों का साम्राज्य?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में अपना घर चलाने के लिए हाजी इकबाल परचून की दुकान चलाता था और शहद बेचता था। शहद बेचते-बेचते इकबाल को राजनीति में दिलचस्पी हुई तो वह बसपा में शामिल हो गया। हाजी इकबाल इसके बाद धीरे-धीरे खनन के कारोबार में हाथ जमाना शुरू कर दिया। कुछ सालों में उसका खनन का काम इतना बढ़ गया कि बसपा सरकार में रहते वह करोड़ों का मालिक बन गया था।

खनन के काम से जब हाजी इकबाल ने संपत्ति बना ली तो उसने ग्लोकल यूनिवर्सिटी शुरू की। इसको हाजी इकबाल ने अपने बेटे के नाम पर चैरिटेबल ट्रस्ट बनाकर शुरू की थी। बसपा के सरकार में MLC रहने के दौरान उसने अपना काम और आगे बढ़ाया। उसने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार शुरू किया।
लेकिन फिर भाजपा की सरकार आने के बाद हाजी इकबाल के बुरे दिन शुरू। योगी सरकार ने जब खनन कारोबारियों और आय से अधिक संपत्तियों की जांच शुरू की तो ये देश छोड़कर दुबई भाग गया।












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