884 करोड़ रुपए के घोटाले में गजेंद्र सिंह शेखावत की भूमिका की होगी जांच, कोर्ट ने SOG को दिया निर्देश
नई दिल्ली। क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला मामले में अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर की एक कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ इस मामाले में जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत पर कई आरोप लगे हैं जिसके बाद अदालत ने गुरुवार को जांच के आदेश दिए। इस मामले में गजेंद्र सिंह की पत्नी और कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ चुके हैं। क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला में हजारों निवेशकों को कथित रूप से 884 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
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जयपुर की अदालत में पुलिस की तरफ से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ जांच की इजाजत मांगी थी, जिसे गुरुवार को कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। इससे पहले मंगलवार को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पवन कुमार ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को शेखावत के खिलाफ शिकायत एसओजी को भेजने का निर्देश दिया था। बता दें कि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला केस में 23 अगस्त, 2019 को एक एफआईआर दर्ज की गई थी, एसओजी की जयपुर इकाई ने इस मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि पिछले वर्ष एसओजी द्वारा दायर आरोप पत्र में शेखावत का उल्लेख नहीं किया गया था।
बाद में एक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें आरोप पत्र में शामिल करने के एक आवेदन को भी खारिज कर दिया था बता दें कि संजीवनी क्रेडिट सोसायटी ने राजस्थान में 211 और गुजरात में 26 शाखाओं के जरिए बड़े मुनाफे का लालच देकर करीब 1,46,991 निवेशकों से रकम जुटाई। कुछ महीने बाद एसओजी की जांच में पता चला कि संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के खाते में गड़बड़ी है, उसने फर्जीवाड़ा कर 55,000 लोगों को करीब 1,100 करोड़ रुपए के कर्ज देना दिखा दिया।
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