बढ़ी भाजपा की मुश्किल, कृषि कानूनों के खिलाफ उतरे पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन के बीच अब भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले कई दिनों से चल रहे हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच अब भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ खुलकर किसानों को अपना समर्थन दिया। चौधरी बिरेंद्र सिंह शुक्रवार को हरियाणा में झज्जर जिले के सांपला में चल रहे किसानों के धरने में शामिल हुए और कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब सभी का आंदोलन है।
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कृषि कानूनों के खिलाफ इस धरने का आयोजन सर छोटू राम मंच की तरफ से किया गया था। बीरेंद्र सिंह ने धरने में हिस्सा लेते हुए कहा कि वो जल्द ही दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर किसानों के बीच जाएंगे। आपको बता दें कि चौधरी बिरेंद्र सिंह, आजाद भारत के सबसे बड़े जाट नेता सर छोटू राम के पोते हैं। सर छोटू राम ने किसानों के लिए कई आंदोलन किए थे। चौधरी बिरेंद्र सिंह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनके बेटे बृजेन्द्र सिंह हरियाणा के हिसार से भाजपा के सांसद हैं।
'मैं अपना मन बना चुका हूं और किसानों के साथ हूं'
चौधरी बिरेंद्र सिंह ने इस दौरान कहा, 'मैं कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ खड़ा हूं। अब ये केवल किसानों का आंदोलन नहीं है, बल्कि सभी का आंदोलन है। यह आंदोलन समाज के किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। मैं अपना मन बना चुका हूं और किसानों के साथ सड़क पर उतरा हूं। अगर मैं इन किसानों के साथ आगे नहीं चलूंगा तो लोगों को लगेगा कि मैं केवल राजनीति कर रहा हूं। चाहे कोई भी हो, महिला हो या पुरुष, छात्र हो या मजदूर, यहां हर कोई किसानों के आंदोलन को लेकर चिंतित है और इसका समाधान चाहता है। पिछले 5-6 दिनों में इतनी सर्दी पड़ी है, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर डटा हुआ है।'












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