तो कश्मीर मुद्दा सुलझाने का 'सीक्रेट' दे गए मनमोहन सिंह पीएम मोदी को!
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के पास एक ऐसी सीक्रेट फाइल है जिसमें इस बात की तरकीब है कि वह कैसे कई बरसों से चले आ रहे कश्मीर मुद्दे को कुछ ही घंटों में सुलझा सकते हैं। यह दावा किया गया है पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूर की किताब 'नाइदर ए हॉक नॉर ए डव,' में जो बुधवार को राजधानी दिल्ली में रिलीज हुई है।
तैयार हो गया था एक ड्रॉफ्ट
इस किताब की लांचिंग के लिए कसूरी भारत आए थे। उन्होंने यहां पर मीडिया से बात की और अपनी किताब के कुछ खास हिस्सों का जिक्र किया। इस जिक्र के दौरान ही उन्होंने इस वाकए के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया है कि
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जम्मू कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया था।
कश्मीर से हट जाती सेना
इस ड्राफ्ट को मनमोहन सिंह ने व्यक्तिगत रूप से 27 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंप दिया था। कसूरी ने दावा किया कि मुशर्रफ और मनमोहन सिंह के बीच जम्मू कश्मीर विवाद पर लगभग सहमति बन गई थी।
कसूरी ने अपनी किताब में लिखा है कि कश्मीर पर एक सीक्रेट एग्रीमेंट के तहत भारत और पाकिस्तान के साझा तौर पर क्षेत्र का प्रबंधन और यहां से सेना हटाने की बात शामिल थी।
इस समझौते के ड्राफ्ट में जम्मू कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर में चुनी हुई सरकारों और दोनों देशों की सरकारों के अधिकारियों का एक सलाहकार तंत्र बनाया गया था। इस सलाहकार तंत्र को राज्य में सामाजिक और आर्थिक मुद्दों जैसे पर्यटन, धार्मिक यात्रा, संस्कृति और व्यापार पर काम करने का अधिकार होता।
200 घंटे तक हुई थी एक मीटिंग
हालांकि भारत ने मुशर्रफ के कश्मीर में साझा प्रबंधन के संस्थान की बात को नकार दिया था क्योंकि इससे भारतीय प्रभुता समाप्त हो जाती। इस ड्राफ्ट को लेकर मनमोहन सिंह के विश्वस्त राजदूत सतिन्दर लांबा और मुशर्रफ के दूत रियाज मुहम्मद खान और तारिक अजीज के बीच 30 बैठकों में करीब 200 घंटे तक बातचीत हुई।













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