'जिसका खुद अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर रिकॉर्ड बेहद खराब है वो', बौखलाए पाकिस्तान की भारत ने लताड़ा
भारत ने अपने आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के हस्तक्षेप पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारत में अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों को लेकर पाकिस्तान की हालिया टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान द्वारा अपने ही मानवाधिकार रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की सुनियोजित कोशिश करार दिया है।
बता दें पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया से बातचीत में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को "गंभीर चिंता का विषय" बताया था। एआरवाई न्यूज की रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने भारत में विभिन्न घटनाओं को "धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने" वाला बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

अंद्राबी ने अपने दावों के समर्थन में क्रिसमस से जुड़ी हालिया घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने "क्रिसमस की तोड़फोड़ की घटनाओं और राज्य-समर्थित अभियानों का भी उल्लेख किया, जो मुसलमानों को निशाना बनाते हैं, जिसमें घरों को ढहाना और बार-बार लिंचिंग के मामले शामिल हैं, उन्होंने मुहम्मद अखलाक के चर्चित मामले का हवाला दिया, जहाँ अधिकारियों ने कथित तौर पर अपराधियों को जवाबदेही से बचाया।"'
पाकिस्तान को विदेश मंत्रालय ने सुनाई खरी-खोटी
भारत ने पाकिस्तान के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया, "हम एक ऐसे देश की इन रिपोर्ट की गई टिप्पणियों को खारिज करते हैं, जिसका इस मोर्चे पर रिकॉर्ड बेहद खराब है। विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों का पाकिस्तान द्वारा भयावह और व्यवस्थित उत्पीड़न एक स्थापित तथ्य है। कोई भी दोषारोपण इसे छिपा नहीं सकता।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के प्रति व्यवहार के सबूत भी दिए।
पाकिस्तान ने तीन राज्यों की घटनाओं को लेकर साधा था निशाना
बता दें पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंद्राबी की यह टिप्पणी भारत में दिसंबर माह में क्रिसमस से पहले हुई तोड़फोड़ की कई घटनाओं के ठीक बाद आई थी। केरल, मध्य प्रदेश और असम जैसे कई राज्यों से ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आई थीं, जिनमें 24 दिसंबर को रायपुर और नलबाड़ी में हुए वाकये प्रमुख थे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अधिकारियों ने बताया कि 24 दिसंबर को 'छत्तीसगढ़ बंद' के दौरान शहर के एक मॉल में अज्ञात समूह द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। कथित धार्मिक धर्मांतरण के विरोध में बुलाए गए इस बंद के दौरान हुई घटना की जानकारी पीटीआई ने दी, जिसमें इमारतों को नुकसान पहुचाया गया।












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