वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें, जानें क्या है तीसरी किस्त में
नई दिल्ली। 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के दो किश्तों के ऐलान के बाद शुक्रवार को तीसरी किस्त का ऐलान किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, मैं आज 11 उपायों की घोषणा करूंगा, जिनमें से 8 बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक के निर्माण से संबंधित हैं, जबकि बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित होंगे। जानें राहत की तीसरी किस्त की अहम बातें......
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FM Nirmala Sitharaman: Lockdown में राहत की तीसरी किस्त में किसे क्या मिला ? | वनइंडिया हिंदी

- न्यूनतम समर्थन राशि के तहत 74,300 करोड़ रुपये किसानों की फसल की खरीद के लिए दिए गए हैं।
- PM-KISAN योजना के तहत किसानों को 18,700 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
- पीएम फासल बीमा योजना के तहत 6,400 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं।'
- किसानों के पास भंडारण की कमी और मूल्य संवर्धन के अवसरों की कमी को पूरा करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कृषि आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा। जिससे कोल्ड चैन के साथ फसल कटाई के बाद की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- सरकार ने डेयरी को-ऑपरेटिव को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2020-21 में ब्याज दर पर सालान 2 फीसदी राहत देने का फैसला किया है। इस स्कीम के जरिए 5000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी आएगी और 2 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा।
- सरकार तुरंत किसानों के लिए फार्म गेट के बुनियादी ढांचे के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है।
- सरकार माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (MFEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना का ऐलान।
- सरकार ने समुद्री और अंतर्देशीय मत्स्य पालन के विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू करेगी। इस कार्यक्रम से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- खुरपका-मुंहपका और ब्रुसेलोसिस के लिए 13,343 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया।
- हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं; अगले 2 वर्षों में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा। इससे 5,000 करोड़ की आय किसानों को होगी।
- गंगा के किनारे 800 हेक्टेयर भूमि पर हर्बल प्रॉडक्ट्स के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष स्थापित किया जाएगा। लॉकडाउन में दौरान डेढ करोड़ गाय और भैंसों का बीमा हुआ।मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना।
- किसानों की उपज को अच्छा मूल्य उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त विकल्प प्रदान करने को एक केंद्रीय कानून तैयार किया जाएगा, जिससे बाधा रहित अंतरराज्यीय व्यापार और कृषि उपज के ई-ट्रेडिंग के लिए रूपरेखा तैयार की जा सके।












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