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वॉरशिप पर तैनाती और अपने नए रोल को लेकर उत्‍साहित Indian Navy की दो पायलट

नई दिल्‍ली। इंडियन नेवी ने लैंगिक असमानता को दूर करने के मकसद एक बड़ा कदम उठाया है। नेवी दो महिला पायलट सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्‍यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को पहली बार किसी वॉरशिप पर तैनात करने वाली है। हालांकि नेवी में बहुत से लेडी ऑफिसर्स को रैंक के मुताबिक तैनाती मिली हुई है लेकिन यह पहला मौका होगा जब किसी वॉरशिप पर इन लेडी ऑफिसर्स को तैनात किया जाएगा। ये दोनों ही ऑफिसर्स अपने नए मिशन को लेकर खासी उत्‍साहित हैं।

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नौसेना ने हर स्थिति के लिए किया तैयार

सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह और सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्‍यागी की मानें तो दोनों ही मानसिक और शारीरिक तौर पर अपने इस नए रोल के लिए तैयार हैं। सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह कहती हैं, 'भारतीय नौसेना में हमारे अधिकतर एयरक्राफ्ट पर पायलट के साथ एक ऑब्जर्वर होता है। जब मैं अपना पद संभाल लूंगी तो सभी हथियार और टैक्टिकल कंट्रोल और एयरक्राफ्ट के सेंसर्स 'मेरे नियंत्रण में होंगे। मेरी ड्यूटी होगी कि मैं दुश्‍मन को लेकर फैसला कर सकूं, उनका पता लगा सकूं और टारगेट को बता सकूं।' वहीं सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्‍यागी कहती हैं, ' नौसेना ने इस तरह से तैयार किया है कि हम मानसिक और शारीरिक तौर पर हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। हमारे पास 60 घंटे की फ्लाइंग ट्रेनिंग है जिसमें सॉर्टीज और सिम्‍यूलेटर फ्लाइट्स दोनों शामिल हैं। हमारे इंस्‍ट्रक्‍टर्स ने कभी भी हमारे साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया है।' इन दोनों लेडी ऑफिसर्स को हेलीकॉप्टर स्ट्रीम में 'ऑब्जर्वर' (एयरबोर्न टैक्टिस) के रूप में शामिल होने के लिए चुना गया है। उन्हें आईएनएस गरुड़, कोच्चि में आयोजित एक समारोह में 'विंग्स' से सम्मानित किया गया है।

अमेरिकी हेलीकॉप्‍टर उड़ाएंगी दोनों ऑफिसर्स

नेवी में निश्चित तौर पर यह एक बड़ा बदलाव है। दो युवा लेडी ऑफिसर्स को इस समय कई सेंसर्स से लैस मल्‍टी रोल हेलीकॉप्‍टर्स को ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ये हेलीकॉप्‍टर सोनार कॉनसोल्‍स और इंटेलीजेंस सर्विलांस से लैंस हैं। सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह और सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्‍यागी MH-60R हेलीकॉप्‍टर को उड़ा सकती हैं। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन इन हेलीकॉप्‍टर्स का निर्माण करती है। इस हेलीकॉप्‍टर को दुश्‍मन के जहाज और पनडुब्बियों का पता लगाने में वर्ल्‍ड क्‍लास माना जाता है। ये दुश्‍मन के ऐसे जहाज और पनडुब्बियों का पता लगा सकता है जो मिसाइल और टारपीडो के प्रयोग से एक प्रकार के युद्ध में नौसेना को उलझा सकते हैं। साल 2018 में तत्‍कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉकहीड मार्टिन निर्मित हेलीकॉप्‍टर के लिए 2.6 बिलियन डॉलर वाली अनुमानित डील को मंजूरी दी थी। वॉरशिप पर इन दोनों की तैनाती इसलिए भी अहम है क्‍योंकि युद्धपोत लंबे समय तक समंदर में रहते हैं और इसमें क्रू क्‍वार्टर्स में निजता की गुंजाइश भी बहुत कम होती है। साथ ही महिला और पुरुष के आधार पर बाथरूम भी कभी-कभी वॉरशिप पर नहीं होते हैं।

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