कामयाब हुई नए तेजस MK-1A की पहली उड़ान, आसमान में कांपेंगे चीन पाकिस्तान, समझिए ताकत
भारतीय वायुसेना के नए फाइटर जेट तेजस मार्क-1ए ने बेंगलुरु में गुरुवार को अपनी पहली उड़ान पूरी कर ली है। बेंगलुरु स्थित डीआरडीओ लैब में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा इसे डेवलप किया गया है।
पिछले कुछ दिनों से हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की फैसिलिटी में इसका टैक्सी ट्रायल चल रहा था। तेजस मार्क-1ए की पहली उड़ान 18 मिनट तक चली और इसका संचालन एचएएल के मुख्य परीक्षण पायलट (फिक्स्ड विंग) ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त) केके वेणुगोपाल ने किया।

आपको बता दें कि ये नया तेजस फाइटर जेट दुनिया का सर्वश्रेष्ठ हल्का लड़ाकू विमान है। तेजस मार्क-1ए में अन्य सुधारों के अलावा डिजिटल रडार अलर्ट रिसीवर, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, उन्नत दृश्य-सीमा (बीवीआर) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और बाहरी आत्म-सुरक्षा जैमर पॉड आदि सुविधाएं हैं।
तेजस एमके-1ए फाइटर जेट में डिजिटल फ्लाई बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर (DFCC) को लगाया गया है। यानी कि फाइटर जेट से मैन्यूअल फ्लाइट कंट्रोल्स हटाकर इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस लगाया गया है। इस सिस्टम से रडार, एलिवेटर, एलिरॉन, फ्लैप्स और इंजन का नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो पाएगा।
आपको बता दें कि तेजस का ये नया अवतार अन्य फाइटर जेट्स की तुलना में बेहद छोटा है। अपनी इस खासियत की वजह से ये दुश्मन के राडार में बतौर फाइटर जेट पकड़ नहीं आता। अपनी इस खासियत की वजह से ये तेजस का ये नया अवतार बेहद खतरनाक हो जाता है।
तेजस एमके-1ए फाइटर जेट 2205 किलोमीटर/घंटे की स्पीड से उड़ता है और 6 तरह की मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। इसकी लंबाई अपने पिछले वैरिएंट जितनी यानी कि 43.4 फीट है। इसकी ऊंचाई 14.5 फीट है। इसका कॉम्बैट रेंज 739 किलोमीटर है और इसका फेरी रेंज 3000 किलोमीटर है। ये 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना को 180 तेजस फाइटर जेट्स की जरूरत है। रक्षा मंत्रालय ने HAL को 83 विमानों का ऑर्डर दिया था। इसमें से 73 मार्क-1ए और 10 तेजस मार्क-1ए प्रशिक्षण विमान हैं। इनकी डिलीवरी 2024 से 2028 के बीच होगी। इसके अलावा 97 और फाइटर जेट्स वायुसेना और लेने वाली है।












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