विहिप से होगी प्रवीण तोगड़िया की छुट्टी, बुलावे के बावजूद नहीं आये इलाहाबाद

इलाहाबाद । विश्व हिंदू परिषद के फायर ब्रांड नेता डॉक्टर प्रवीण तोगड़िया कि संगठन से छुट्टी होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के बाद विहिप द्वारा आयोजित संत सम्मेलन में तोगड़िया के ना पहुंचने के बाद यह साफ हो गया था कि विहिप और तोगड़िया के बीच सब कुछ सही नहीं है। वही इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के मार्ग दर्शक मंडल के सदस्य स्वामी चिन्मयानंद ने साफ लहजे में कह दिया है कि तोगड़िया को प्रयागराज के संत सम्मेलन में बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आये। तोगड़िया ने खुद विहिप छोड दी है और अब वह विहिप के नहीं रहे उनका अब संगठन से कोई लेना देना नहीं है। गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के बाद से ही तोगड़िया संगठन की आंखों में गडने लगे थे। विहिप तोगड़िया के पर कतरने की थी तैयारी कर ही रहा था कि प्रयाग के संत सम्मेलन का निमंत्रण ठुकरा कर तोगडिय़ा ने संगठन को कार्रवाई का एक और मौका दे दिया।

एक बार भी नहीं आया था तोगड़िया का नाम

एक बार भी नहीं आया था तोगड़िया का नाम

संगम की रेती पर विहिप के संत सम्मेलन के दौरान मंच के उपर और नीचे कहीं भी तोगड़िया नजर नहीं आये। उनकी अनुपस्थिति मौजूदा हालात के बारे में बहुत कुछ बता रही थी, लेकिन एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब तोगड़िया की सम्मेलन में सामूहिक तौर पर चर्चा हुई हो या उनके नाम का जिक्र किया गया हो। अलबत्ता अशोक सिंघल को खुद सीएम योगी ने अपने भाषण के दौरान याद करते हुये सम्मान प्रकट किया था।

संघ नहीं चाहता तोगड़िया रहे संगठन में

संघ नहीं चाहता तोगड़िया रहे संगठन में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा को संगठन में नहीं देखना चाह रहा है। कारण भी साफ है तोगड़िया के पीएम पर जुबानी हमले के बाद सरकार और संगठन दोनों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। लोकसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में विहिप का बडा चेहरा बन चुके तोगड़िया के बिगड़े बोल संघ और भाजपा दोनों की मुश्किल बढायेंगे। ऐसे में इससे बच निकलने का एक ही रास्ता है कि तोगड़िया को विहिप से बाहर का रास्ता दिखाया जाये।

फरवरी में होगा फैसला

फरवरी में होगा फैसला

तोगड़िया पर निष्कासन की तलवार लटकी है और उस पर फैसला फरवरी माह में होगा। फरवरी में विहिप की कार्यकारी बैठक होगी जिसमे संघ के दखल के साथ न सिर्फ तोड़गिया को बल्कि उनके समर्थकों को भी हटाया जायेगा। संभावना है कि फरवरी में विहिप को नया अध्यक्ष भी मिल जाये।

संघ एकदम साफ संदेश देना चाहता है

संघ एकदम साफ संदेश देना चाहता है

इस कार्रवाई से संघ एकदम साफ संदेश देना चाहता है कि संघ के साथ जुड़े संगठन केंद्र सरकार के साथ किसी तरह का टकराव न करें। वैसे भी संघ और भाजपा लोकसभा चुनाव पर काम कर रही है ऐसे में लगे हाथ वह सभी ऐसी समस्याओ को खत्म करेगी जो चुनाव में कुछ भी भ्रम पैदा कर सके।

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