भारत में निवेश से गदगद हैं FII निवेशक, मिल रहा अच्छा रिटर्न, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसी हैं संभावनाएं?
FII outflows: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में मुंबई में बजट के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहा है कि विदेशी संस्थागत निवेश (FII) की निकासी से पता चलता है कि देश में निवेश करने वाले निवेशक मुनाफा कमा रहे हैं। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि भारत में किए गए निवेश से ऐसे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल रहा है।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया है कि जब भी निवेशकों को अच्छा लाभ मिलता है,वे मुनाफा बुक करते हैं और बाजार से निकल जाते हैं। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है कि निवेशकों को यहां से अच्छा रिटर्न मिल रहा है। उन्होंने इस धारणा को भी खारिज किया है कि भारतीय शेयर बाजार अब खुदरा और विदेशी निवेशकों के लिए कम आकर्षक रह गया है।

FII outflows: FII निकासी वैश्विक निवेश पैटर्न का हिस्सा- वित्त सचिव
वहीं वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अक्सर अपने निवेश को विभिन्न बाजारों में स्थानांतरित करते रहते हैं। उन्होंने कहा,'FIIs अपनी पूंजी वहां लगाते हैं,जहां उन्हें अधिक फायदा दिखता है। यह जरूरी नहीं कि वे भारत से निकलकर किसी अन्य उभरते बाजार में निवेश कर रहे हों।'
उन्होंने आगे कहा कि जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है,FIIs अक्सर अमेरिकी बाजार में लौट जाते हैं,क्योंकि वे मूल रूप से वहीं के होते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि भारतीय बाजार में कोई समस्या है,बल्कि यह वैश्विक निवेश पैटर्न का ही एक हिस्सा है।
भारत से FII निकासी के पीछे कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक कारक भी काम कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से अमेरिका के साथ व्यापार शुल्क को लेकर अनिश्चितता, भारतीय कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे और घरेलू विकास दर (GDP) को लेकर संदेह जैसी चुनौतियां शामिल हैं। इन कारकों की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह में अस्थिरता देखी जा रही है।
FII outflows: विदेशी संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करता रहेगा भारत- एक्सपर्ट
हालांकि,जानकारों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और लंबी अवधि के लिए विकास की संभावनाएं निवेशकों को आकर्षित करती रहेंगी। सरकार की ओर से निवेशकों के अनुकूल नीतियां अपनाने और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने से बाजार में स्थिरता आने की संभावना बनी हुई है।
FII outflows: अस्थिरता के बावजूद शेयर बाजार के दीर्घकालिक निवेश के लिए बेहतर विकल्प बने रहने की संभावना-एक्सपर्ट
भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। निरंतर सुधारों, बुनियादी ढांचे में निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार से भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना हुआ है।
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जानकारों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता के बावजूद,यह एक मजबूत दीर्घकालिक निवेश का विकल्प बना रहेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सरकार की नीतियों से यह तय है कि आने वाले वर्षों में भी निवेशकों को यहां आकर्षक रिटर्न मिलता रहेगा।
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