ISIS आतंकी से पूछताछ करने के लिए एफबीआई टीम कोलकाता में

सीरिया में मौजूद आईएसआईएस के हैंडलर शफी अरमार उर्फ युसूफ अल हिंदी से जुड़ी और जानकारी इकट्ठा करने के लिए कोलकाता आई है अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की टीम।

नई दिल्‍ली। पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आईएसआईएस के ऑपरेटिव मोहम्‍मद मसीउद्दीन मूसा को गिरफ्तार किया गया है। अब इसी मूसी से पूछताछ करने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई कोलकाता में मौजूद है। इकोनॉमिक टाइम्‍स ने इस बारे में जानकारी दी है।

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क्‍या अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की साजिश

एफबीआई की टीम मूसा से पूछताछ करके इस बात की जानकारी हासिल करना चाहती है कि कहीं आईएसआईएस का कोई प्‍लान अमेरिका को नुकसान पहुंचाने का तो नहीं है।

टीम मूसा से सीरिया में मौजूद आईएसआईएस हैंडलर शफी अरमार उर्फ युसूफ अल हिंदी के बारे में भी जानकारी हासिल करेगी।

अरमार भारतीय मूल का हैंडलर है और पिछले करीब एक वर्ष से सीरिया में आईएसआईएस के लिए भर्ती कर रहा है।

सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अमेरिकी एजेंसिया अरमार की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।

एजेंसियों को शक है कि अरमार अमेरिकी युवाओं को आईएसआईएस के लिए प्रेरित कर रहा है और कुछ युवाओं ने तो आईएसआईएस को ज्‍वॉइन भी कर लिया है।

घंटों तक पूछताछ

एजेंसियों को इस बात का भी शक है कि अरमार भारत और दूसरी जगहों पर अमेरिकी संस्‍थानों और नागरिकों को निशाना बनाने की योजना तैयार कर रहा है।

गुरुवार को मूसा से एफबीआई ने काफी घंटों तक पूछताछ की। एफबीआई की सात सदस्‍यों वाली टीम ने भारत की राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से इस पूछताछ से जुड़ी अहम जानकारियों को साझा किया।

एफबीआई अधिकारी मूसा से पूछताछ के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि मूसा एक संभावित सुसाइड बॉम्‍बर है और वह एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने के मकसद की ओर बढ़ रहा था।

एफबीआई की प्रमुख चिंता शफी अरमार है जो कि सीरिया में कहीं है और अमेरिकी नागरिकों और दूसरे विदेशी नागरिकों को निशाना बना सकता है।

लोन वोल्‍फ अटैक की फिराक में अरमार

एफबीआई अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों को यह नहीं बताया कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जिसके बाद उन्‍हें अरमार के खिलाफ सुबूत मिले और फिर उन्‍हें भारत आना पड़ा।

अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी जांचकर्ता इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अरमार अमेरिकियों पर हमला करने के लिए लोन वोल्‍फ बॉम्‍बर्स को तैयार कर रहा है।

कौन है शफी अरमार

शफी अरमार कर्नाटक के भटकल जिले का रहने वाला है और सिमी का पुराना ऑपरेटिव है। वह आईएसआईएस के लिए युसूफ अल-हिंदी के नाम से भारतीयों की भर्ती करता आया है।

मूसा जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्‍लादेश (जेएमबी) के नेताओं के करीब है। माना जा रहा है कि ये वही लोग हैं जिन्‍होंने राजधानी ढाका में एक जुलाई को एक कैफे पर हुए आतंकी हमले को अंजाम दिया था।

अरमार ने कर्नाटक, महराष्‍ट्र, केरल और तमिलनाडु में पिछले 18 माह के दौरान कई मॉड्यूल्‍स बना डाले हैं।

श्रीनगर में थी हमले की साजिश

मूसा एक बार चाकू के साथ श्रीनगर पहुंचा था और यहां पर वह विदेशी नागरिकों पर हमले करना चाहता था। एक माह तक मूसा वहां रहा और इस दौरान वह डल झील पर विदेशी नागरिकों की हत्‍या करना चाहता था।

उसकी पत्‍नी उसके साथ थी और वह इस साजिश को अंजाम नहीं दे सका। इसके बाद उसने कोलकाता के मदर टेरेसा सेंटर पर विदेशियों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।

मूसा जेएमबी के नेता मोहम्‍मद सुलेमान का भी काफी करीबी है। सुलेमान बीरभूमि के लाबपुर का रहने वाला और वर्ष 2014 में मूसा उसके संपर्क में आया।

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