टूलकिट मामला: निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट, बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की याचिका
नई दिल्ली: किसान आंदोलन गणतंत्र दिवस पर उग्र हो गया था। इस दौरान दिल्ली के लालकिले, आईटीओ समेत कई जगहों पर हिंसा हुई। घटना के बाद कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने इस आंदोलन का समर्थन किया। इसी बीच टूलकिट का मामला निकलकर सामने आया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हिंसा में इसी टूलकिट का सबसे बड़ा रोल था। जिस वजह से इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया है। अब दिल्ली पुलिस ने मामले में दो आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।

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दरअसल दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 13 फरवरी को क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब टूलकिट मामले में दो आरोपी निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। दोनों फरार चल रहे हैं। इस वारंट के बाद निकिता के वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांजिट बेल के लिए याचिका दायर की है। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। सूत्रों के मुताबिक 11 फरवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने निकिता के घर छापेमारी भी की थी। शाम होने की वजह से स्पेशल सेल निकिता से पूछताछ नहीं कर पाई। इसके बाद से निकिता फरार है, जिस वजह से अब उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ है।
सूत्रों ने ये भी बताया कि खालिस्तान समर्थक पोइटिक जस्टिस फाउंडेशन के एमओ धालीवाल ने अपने एक सहयोगी के जरिए निकिता से संपर्क किया। निकिता भी क्लाइमेट एक्टिविस्ट हैं और तरह-तरह के मुद्दे ट्विटर पर उठाती रहती हैं। धालीवाल चाहता था कि निकिता गणतंत्र दिवस परेड से पहले ट्विटर पर हलचल पैदा करें। इसके लिए बकायदा उन लोगों ने जूम पर मीटिंग भी की थी। वहीं बेंगलुरु से दिशा रवि की गिरफ्तारी हुई है, वो ग्रेटा का अच्छी तरह जानती हैं। उन्होंने भी टूलकिट से छेड़छाड़ की थी।
क्या है टूलकिट?
इन दिनों टूलकिट चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर टूलकिट को आंदोलन को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज कहा जाता है। किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट में सभी जानकारियां थी, जैसे- कब किसे ट्वीट करना है, कब ट्वीट करने से ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा किन-किन हस्तियों से आंदोलन को समर्थन दिलवाना है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि लालकिला हिंसा में इस टूलकिट का बड़ा रोल था।












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