दलित की हत्या के बाद निहंग सिखों से दूरी बना रहे टिकैत, कहा- अभी उनकी जरूरत नहीं, जब लगेगी तो बुला लेंगे
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर: सिंघु बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। हाल ही में वहां पर बेरहमी से एक दलित की हत्या कर दी गई। इस घटना की जिम्मेदारी निहंग समूह निर्वेर खालसा उड़ना दल ने ली है। घटना के बाद से किसान आंदोलन पर भी सवाल खड़े हो रहे। साथ ही बीजेपी समेत कई संगठनों ने आंदोलन वाली जगह खाली कराने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच फिर से मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का बयान सामने आया। उन्होंने घटना को किसान आंदोलन से ना जोड़ने की अपील की। साथ ही निहंग सिखों से दूरी बनाते नजर आए।

ANI से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि पहले भी बातचीत हुई थी कि निहंग फौज की अभी जरूरत नहीं, जब जरूरत होगी तो बुला लेंगे लेकिन कुछ लोग पहले दिन से यहां मौजूद हैं। हाल ही में हुई घटना धार्मिक मामला है, इसका किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। आरोपियों ने भी कहा कि ये उनका धार्मिक मामला था, सरकार प्रदर्शन से इसे ना जोड़े। ऐसे में उनसे बातचीत की जा रही है। टिकैत ने आगे कहा कि उनकी (निहंग) अभी यहां पर जरूरत नहीं है, जब जरूरत होगी तो बुला लेंगे।
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वहीं फिर से टिकैत ने घटना का सारा ढिकरा सरकार पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि ये सब सरकार ने करवाया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन वाली जगह पर बैरिकेडिंग की है। वहां पर ही खुफिया विभाग के कर्मचारी तैनात रहते हैं। इतनी बड़ी घटना हो गई उनको कैसे नहीं पता चली। ऐसे में साफ होता है कि ये सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। इससे पहले टिकैत ने आरोप लगाया था कि सरकार ऐसी घटना के लिए करोड़ों खर्च कर रही है।
अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार
सिंघु बॉर्डर पर दलित युवक की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सोनीपत कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 15 अक्टूबर को जहां पर किसानों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था, वहां पर एक व्यक्ति का हाथ और पैर कटा शव मिला। जिसमें नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंद प्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जिस पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।












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