Farmers Protest: राहुल गांधी बोले- 'एक साइड चुनने का समय है, मैं किसानों के 'शांतिपूर्ण' आंदोलन के साथ हूं'
Farmers Protest: राहुल गांधी बोले- 'एक साइड चुनने का समय है, मैं किसानों के 'शांतिपूर्ण' आंदोलन के साथ हूं'
Rahul Gandhi on Farmers Protest: दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद किसान संगठनों पर आंदोलन खत्म करने का दबाव बढ़ गया है। कुछ किसान संगठनों ने किसान आंदोलन खत्म करने की घोषणा भी की है। लेकिन वहीं कुछ किसान नेता अब भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसी बीच गुरुवार (28 जनवरी) की रात गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई थी। (kisan andolan live update) दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस दोनों बॉर्डर पर तैनात थे। जिसको इस संकेत के दौर पर देखा जा रहा था कि पुलिस आंदोलन खत्म कराने आई है। गुरुवार रात तनावपूर्ण स्थिति के बीच किसान आंदोलन को विपक्षी नेताओं का साथ मिला। इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा ये वक्त एक साइड चुनने का है। उन्होंने अपने ट्वीट में किसानों के आंदोलन को 'शांतिपूर्ण' भी कहा है।

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया,'' एक साइड चुनने का समय है। मेरा फैसला साफ है। मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं।''
प्रियंका गांधी ने कहा-किसानों को धमकाया जा रहा है।
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को धमकाया जा रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार की रात ट्वीट किया, ''कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है। कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं। हिंसक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन जो किसान शांति से महीनो से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।''
राहुल गांधी ने 27 जनवरी को अपने ट्वीट में लिखा था, ''विनम्र तरीके से आप दुनिया हिला सकते हैं। -महात्मा गांधी। एक बार फिर मोदी सरकार से अपील है कि तुरंत कृषि-विरोधी कानून वापस लिए जाएं।''
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली वाले दिन राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, ''हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। चोट किसी को भी लगे, नुकसान हमारे देश का ही होगा। देशहित के लिए कृषि-विरोधी कानून वापस लो!''
जानिए पूरा माजरा
बता दें कि गुरुवार की रात गाजीपुर बॉर्डर पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो गया था। भारी संख्या में पुलिस फोर्स, पीएसी और रैपिड ऐक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई थी। गाजियाबाद प्रशासन ने किसानों को आधी रात आंदोलन खत्म करने को कहा था। गाजीपुर बॉर्डर पर धारा 144 लगा दी गई थी। अटकलें लगाई जा रही थी कि किसान नेता राकेश टिकैत सरेंडर करेंगे नहीं तो उनकी गिरफ्तारी होने वाली है। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। जैसे-जैसे रात ज्यादा हुई। किसानों के नए-नए समूह धरनास्थल पर पहुंचने लगे। आखिरकार देर रात पुलिस फोर्स वापस लौट गई। राकेश टिकैत ने दावा किया है कि शुक्रवार की सुबह और भी किसान आंदोलन का हिस्सा बनने आ रहे हैं।












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