Farmers Protest: CM केजरीवाल ने फाड़ी कृषि कानून की कॉपी, बोले- 'हर किसान भगत सिंह बन गया है'
Farmers Protest: कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 22 दिनों से जारी है, किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं तो वहीं सरकार की कोशिश इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाने की है लेकिन वो कानून को रद्द नहीं करना चाहती है। इसी बीच इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा गई है। आज दिल्ली विधानसभा में स्पेशल सत्र बुलाया गया है, जहां सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला और कृषि कानून की कॉपी को फाड़ दिया।
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अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि आखिरी किसान बिल के नाम पर केंद्र सरकार और कितनी जान लेगी, 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं रोज एक किसान शहीद हो रहा हैं, क्या केंद्र सरकार को कुछ समझ नहीं आ रहा है। सीएम ने कहा कि आज हर किसान भगत सिंह बन गया है, सरकार कह रही है कि वे किसानों तक पहुंच रहे हैं और फार्म बिलों के लाभों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन क्या ऐसा सच में हो रहा है।
यूपी के सीएम पर साधा निशाना, फाड़ी कृषि बिल की कॉपी
केजरीवाल ने कहा कि यूपी के सीएम ने किसानों से कहा है कि वे इन बिलों से लाभान्वित होंगे क्योंकि उनकी जमीन नहीं छीनी जाएगी, क्या यह लाभ है ? मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि ये किसान एमएसपी से ज्यादा पाने के लिए अपनी उपज कहां बेचने जाएं, इस बात का जवाब आखिर सरकार दे क्यों नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों के साथ खड़ी है, मैं पूछता हूं कि कृषि कानूनों को कोरोना महामारी के दौरान संसद में पारित करने की क्या जल्दी थी,राज्यसभा में मतदान के बिना 3 कानून पारित किए गए हैं। इससे साफ होता है कि सरकार की मंशा साफ ही नहीं थी।
अंग्रेजों की तरह बर्ताव ना करे सरकार: केजरीवाल
मैंने इस विधानसभा में 3 कानूनों को फाड़ दिया है और मैं केंद्र से अपील करता हूं कि वो स्थिति की नजाकत को समझे और अंग्रेजों की तरह बर्ताव ना करे। मालूम हो कि इस पहले सदन में मंत्री कैलाश गहलोत ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का संकल्प पेश किया था और उसके बाद चर्चा में आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल ने कृषि कानून की कॉपी को फाड़ा था और सदन में 'जय जवान जय किसान' के नारे भी लगाए थे। गोयल ने कहा कि किसान विरोधी इन कानूनों मैं कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात
गौरतलब है कि आप पार्टी ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। पूरी पार्टी ने 8 दिसंबर को भारत बंद के दौरान एक दिन का उपवास भी रखा था। तो वहीं आज सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को लेकर सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने कहा कि वो किसानों का पक्ष जाने बिना कोई निर्णय नहीं लेगी लेकिन अदालत ने कुछ सख्त टिप्पणी जरूर की, उसने प्रदर्शन को किसानों को हक बताया, लेकिन इससे किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए, ये रास्तों को जाम नहीं कर सकते हैं, फिलहाल सुनवाई टल गई है।












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