Delhi Chalo March: नेट बंद, आंसू गैस के गोले दागे, 6 घायल, प्रोटेस्ट वापस; 10 Points में Full अपडेट
Farmers Delhi Chalo March: किसानों का "दिल्ली चलो" मार्च, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में बदल गया। किसानों की मुख्य मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के साथ-साथ अन्य मुद्दे हैं। किसानों ने 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर डेरा डाला हुआ है। हालांकि, 13 और 21 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च की कोशिशें नाकाम रहीं।
6 दिसंबर को 101 किसानों का जत्था "सतनाम वाहेगुरु" का जाप करते हुए मार्च पर निकला। इस दौरान, पुलिस के साथ किसानों की झड़पें भी हुईं। करीब 6 किसान घायल हो गए।अंबाला जिले के 11 गांवों में 9 दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया है। पुलिस ने किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। यह आंदोलन हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर गहरा तनाव पैदा कर चुका है। आइए 10 प्रमुख बिंदुओं में इस पूरी स्थिति को समझते हैं...

1. किसानों की प्रमुख मांगें
- किसान यूनियनें निम्नलिखित मांगों के लिए मार्च कर रही हैं:
- फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी।
- कृषि ऋण माफी।
- किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन।
- बिजली दरों में बढ़ोतरी पर रोक।
- 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय।
- भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 की बहाली।
- पिछले आंदोलनों में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा।
2. शंभू और खनौरी सीमा पर किसानों का जमावड़ा
किसानों ने 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर डेरा डाला हुआ है। 13 और 21 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च की कोशिशें नाकाम रहीं। 6 दिसंबर को 101 किसानों का जत्था "सतनाम वाहेगुरु" का जाप करते हुए मार्च पर निकला।
3. बैरिकेडिंग तोड़ी, आंसू गैस का सामना
हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की। किसानों ने कंटीले तार हटाए और लोहे की कीलें उखाड़ीं। सुरक्षाकर्मियों ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
4. आंदोलनकारियों के घायल होने का दावा
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, आंसू गैस के गोलों से 5-6 किसान घायल हुए। कुछ किसानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
5. प्रशासन का सख्त रुख
हरियाणा सरकार ने विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए कई कदम उठाए। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है। अंबाला जिले में 11 गांवों में इंटरनेट और बल्क SMS सेवाएं निलंबित। सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश। पांच या अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी जमावड़े पर रोक।
6. किसानों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा
किसान नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनके विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार का दमन कर रही है। सरवन सिंह पंधेर ने जत्थे में शामिल किसानों को "मरजीवरा" (मकसद के लिए मरने को तैयार) कहा।
7. केंद्र सरकार का बयान
केंद्र सरकार ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है। भारत के कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में कहा कि मोदी सरकार MSP की गारंटी देगी। केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि किसानों को दिल्ली की ओर मार्च करने के बजाय मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
8. अराजकता में बदलता आंदोलन
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें बढ़ती गईं। लोहे की जाली और बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों में से एक टिन की छत पर चढ़ गया, जिसे जबरन उतारा गया। वाटर कैनन और सुरक्षा बल तैनात किए गए।
9. किसान संगठनों की बैठक
आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा के लिए संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने बैठक बुलाई। पंधेर ने कहा कि बातचीत के लिए सरकार का पत्र मिलने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
10. सिख गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस
प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए सिख गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस, जो 6 दिसंबर को होता है, भी मनाया।
आंदोलन की मौजूदा स्थिति और आगे का रास्ता
किसान संगठनों ने मार्च स्थगित कर दिया है, लेकिन वे अपने अधिकारों की मांग पर अडिग हैं। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच विश्वास की कमी है। केंद्र और राज्य सरकारों को समाधान के लिए सार्थक बातचीत करनी होगी।
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