'चाहे कोई भी राष्ट्रपति बने भारत...', अमेरिकी चुनाव पर विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान
US Presidential Elections 2024: अमेरिका में चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच इस बार राष्ट्रपति पद की जंग होने जा रही है। यूएस के इलेक्शन पर पूरी दुनिया की नजर हैं। जिस पर अब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि यूएस की जनता जिसको चुनेगी, भारत उसके साथ काम करने में सक्षम होगा।
एस जयशंकर ने अपने बयान में साफ कहा कि अमेरिकी सिस्टम अपना फैसला सुनाएगा और भारत को भरोसा है कि वह जो भी सरकार चुनेगी, उसके साथ काम करने में सक्षम है।

अमेरिकी चुनाव पर बोले विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों की परवाह किए बिना अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए भारत की तत्परता व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी भी निर्वाचित सरकार के साथ काम करने की अपनी क्षमता पर आश्वस्त है।
विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा कि भारत अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ काम करने के लिए तैयार है, चाहे उस पद पर कोई भी हो। राजधानी दिल्ली में इंडियास्पोरा की प्रभाव रिपोर्ट के लॉन्चिंग इवेंट पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के बारे में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत यूएस की चुनी हुई किसी भी सरकार के साथ काम करने में सक्षम है।
अमेरिकी संबंधों में भारत का विश्वास
जयशंकर ने कहा कि, "आम तौर पर, हम दूसरे लोगों के चुनावों पर टिप्पणी नहीं करते हैं क्योंकि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि दूसरे हम पर टिप्पणी नहीं करेंगे। लेकिन अमेरिकी प्रणाली अपना फैसला सुनाएगी। और मैं यह सिर्फ औपचारिकता के तौर पर नहीं कह रहा हूं, लेकिन अगर आप पिछले 20-कुछ सालों पर नजर डालें, तो हमें पूरा भरोसा है कि हम संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ काम करने में सक्षम होंगे, चाहे वह कोई भी हो।"
'हम एक असाधारण कठिन दौर से गुजर रहे हैं'
जब उनसे पूछा गया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति को किस तरह देखते हैं, तो एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया एक असाधारण कठिन दौर से गुजर रही है, उन्होंने यूक्रेन और इजराइल में चल रहे संघर्षों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "मैं एक आशावादी व्यक्ति हूं और आम तौर पर समस्याओं के समाधान के बारे में सोचता हूं, ना कि उन समस्याओं के बारे में जो समाधान से निकलती हैं। लेकिन मैं बहुत गंभीरता से कहूंगा कि हम एक असाधारण कठिन दौर से गुजर रहे हैं।"
कोविड का किया जिक्र
विदेश मंत्री ने कहा, "आप देख रहे हैं कि मध्य पूर्व में क्या हो रहा है, यूक्रेन में क्या हो रहा है, दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया में क्या हो रहा है, कोविड का निरंतर प्रभाव, जिसे हममें से जो लोग इससे बाहर आ चुके हैं, वे हल्के में ले रहे हैं, लेकिन कई लोग इससे बाहर नहीं आ पाए हैं।"
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया महत्वपूर्ण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें व्यापार कठिनाइयों, विदेशी मुद्रा की कमी और कई अन्य व्यवधानों से जूझ रहे देशों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु संबंधी घटनाएं भी वैश्विक अस्थिरता में योगदान दे रही हैं, जिसके गंभीर परिणाम हो रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications