Mizoram Exit Poll 2023: मिजोरम में हो गया खेल! एग्जिट पोल का संकेत समझिए
Assembly Election Exit Polls 2023: मिजोरम का एग्जिट पोल इतना उलझा हुआ है कि ज्यादातर एजेंसियों ने राज्य में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा के आसार जताए हैं।
लेकिन, पिछले कुछ चुनावों से सबसे भरोसेमंद माने जा रहे इंडिया टुडे-माय ऐक्सिस इंडिया की मानें तो वहां सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है।

जेडपीएम के पक्ष में लहर- इंडिया टुडे-माय ऐक्सिस इंडिया
इंडिया टुडे-माय ऐक्सिस इंडिया के मुताबिक मिजोरम की प्रमुख विपक्षी पार्टी जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को 40 सीटों वाली विधानसभा में 28 से लेकर 35 सीटें मिलने की संभावना है।
मिजोरम में त्रिशंकु विधानसभा- ज्यादातर एग्जिट पोल
जबकि, एबीपी-सी वोटर के मुताबिक सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) को 15 से 21 और जेडपीएम को 12 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है। इसी तरह रिपब्लिक मैट्रज के मुताबिक एमएनएफ 17 से 22 और जेडपीएम 7 से 12 सीटें जीत सकती है। टाइम्स नाउ-ईटीजी ने तो एमएनएफ को 14 से 18 और जेडपीएम को 10 से 14 सीटें दी हैं।
मिजोरम में बीजेपी के हाथ में सत्ता की चाबी?
इन सारे एग्जिट पोल में कांग्रेस को तीसरे नंबर पर दिखाया गया है,जिसमें पार्टी के लिए कम से कम 2 से लेकर ज्यादा से ज्यादा 13 सीटों की भविष्यवाणी की गई है। वहीं अकेले चुनाव लड़ी बीजेपी को 0 से लेकर 5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
अगर चुनाव से पहले की बात करें तो जोराम पीपुल्स मूवमेंट और उसके 74 वर्षीय नेता लालदुहोमा यही दावा करते रहे हैं कि चुनाव के बाद वे कांग्रेस और बीजेपी से बराबर दूरी बनाकर रखेंगे।
उनके मुख्य चुनावी एजेंडे में सत्ताधारी एमएनएफ पर अपनी क्षेत्रीय पहचान खोने और दिल्ली और इंफाल में अलग-अलग चेहरा रखने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने इस चुनाव में जेडपीएम को मिजोरम की असली क्षेत्रीय पार्टी के तौर पर पेश किया है।
कांग्रेस ने जेडपीएम और एमएनएफ दो से बनाई दूरी
वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेता चुनावों के दौरान वोटरों को यह समझाने में लगे रहे हैं कि जेडपीएम भी गुपचुप तरीके से बीजेपी के संपर्क में है और दोनों ही दल मिजोरम में भाजपा के लिए गेटवे का काम कर रहे हैं।
लालदुहोमा चल सकते हैं बड़ी चाल
अगर मिजोरम में अंतिम नतीजे के बाद त्रिशंकु विधानसभा बनती है तो राज्य का सियासी भविष्य क्या हो सकता है, यह जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के मुखिया लालदुहोमा के चुनावों के दौरान दिए गए एक बयान में नजर आता है।
मिजोरम में बीजेपी के साथ गठबंधन का विकल्प खुला!
उन्होंने कहा था, 'एमएनएफ जबतक एनडीए का मेंबर है, किसी दूसरी पार्टी के लिए यहां मुमकिन नहीं है कि वह एनडीए का हिस्सा बने।' इसके साथ ही वो ये भी कह चुके हैं, 'राष्ट्रीय स्तर पर हम किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे। नई दिल्ली के निर्देशों पर हम नहीं चलना चाहते हैं।' मतलब, उन्होंने प्रदेश स्तर पर गठबंधन का विकल्प खुला रखा है।
अगर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में बीजेपी को भी कुछ सीटें मिलती हैं (कई एग्जिट पोल ने 2 से 5 सीटें दिए हैं) तो वह सरकार का हिस्सा बन सकती है, इसकी चर्चा मिजोरम में पहले से होती रही है।
कुछ समय पहले प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वनुपा जथांग ने ईटी से कहा था कि 'एमएनएफ तो एनडीए का हिस्सा है ही। त्रिशंकु विधानसभा की परिस्थति में पार्टी एमएनएफ और जेडपीएम दोनों को ही समर्थन दे सकती है....'












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