'भाजपा का वक्फ जमीन पर कब्जा करने का एजेंडा है,' वक्फ विधेयक पर बरसे सांसद मोहम्मद बशीर, कोर्ट जाने की दी धमकी
E. T. Mohammed Basheer: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सांसद ई टी मोहम्मद बशीर ने गुरुवार (20 मार्च) को कहा कि अगर संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित होता है, तो उनकी पार्टी अन्य समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर इसे अदालतों में चुनौती देगी और इस "कठोर और असंवैधानिक" कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन भी चलाया जाएगा।
सांसद मोहम्मद बशीर की यह टिप्पणी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के तत्वावधान में कई मुस्लिम संगठनों और सांसदों द्वारा जंतर-मंतर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करने के कुछ दिनों बाद आई है। बशीर ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हमारी (विपक्ष की) रणनीति सबसे पहले संसद के अंदर इसका विरोध करना है। जब इसे पेश किया गया था, तब हमने इसका कड़ा विरोध किया था। जब संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद यह फिर से आएगा, तो हम इसके खिलाफ बहुत कड़ा रुख अपनाएंगे और विधेयक के खिलाफ अपने पास मौजूद सभी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।"

बशीर ने कहा- भाजपा का वक्फ जमीन पर कब्जा करने का गंदा एजेंडा है
केरल के मलप्पुरम से आईयूएमएल के सांसद मोहम्मद बशीर ने कहा कि यह विधेयक "कठोर" और "बुरी मंशा" वाला है। बशीर ने कहा, "देश में करोड़ों की वक्फ जमीन है और भाजपा का इस जमीन पर कब्जा करने का गंदा एजेंडा है। वह लूट के लिए संसदीय मंच का इस्तेमाल कर रही है। वक्फ संपत्तियों का सबसे बड़ा अतिक्रमणकारी सरकार है। वह अब अतिक्रमण का महिमामंडन कर रही है और अप्रत्यक्ष तरीके से इसका समर्थन कर रही है।"
उन्होंने कहा कि विधेयक का विरोध करने में भारत का विपक्षी दल एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र जब किसी संपत्ति पर कब्जा करना चाहेगा तो विवाद खड़ा कर देगा और विधेयक के तहत विवाद की स्थिति में सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी द्वारा फैसला लिया जाएगा। बशीर ने दावा किया, "इस तरह से सरकार द्वारा बहुत सारी वक्फ संपत्तियों पर कब्जा किया जाएगा।
सांसद मोहम्मद बशीर बोले- हम कानूनी रूप से इसका मुकाबला करेंगे
लोकसभा में आईयूएमएल के सांसद मोहम्मद बशीर ने कहा, "हम कानूनी रूप से इसका मुकाबला करेंगे। हमारे पास एक मजबूत मामला है क्योंकि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और संविधान का उल्लंघन करता है। इसलिए हमें सफलता मिलेगी।"
यह पूछे जाने पर कि क्या आईयूएमएल इस मामले को अदालतों में ले जाएगा, बशीर ने कहा, "केवल आईयूएमएल ही नहीं, सभी समान विचारधारा वाली पार्टियां हाथ मिलाएंगी।" उन्होंने पूरे देश में विधेयक के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन चलाने का संकल्प भी लिया।
उनकी टिप्पणी संसद की संयुक्त समिति द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद आई है। प्रस्तावित विधेयक को मौजूदा बजट सत्र के दौरान संसद में पारित करने के लिए लाया जा सकता है। विधेयक पर 31 सदस्यीय पैनल ने कई बैठकों और सुनवाई के बाद प्रस्तावित कानून में कई संशोधनों का सुझाव दिया है, जबकि विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट से असहमति जताई है और असहमति नोट प्रस्तुत किए हैं।
पैनल की 655 पन्नों की रिपोर्ट 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई थी। संयुक्त समिति ने रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों द्वारा सुझाए गए बदलाव शामिल थे।












Click it and Unblock the Notifications