मोदी की रैली से ईश्वरप्पा की दूरी, सदानंद की कांग्रेस से नजदीकी! कर्नाटक के रूठे BJP नेता बगावत पर क्यों उतरे?
बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी होने के बाद अलग- अलग राज्यों में पार्टी नेताओं में रूठने और मनाने का दौर भी जारी है। भाजपा कर्नाटक में सबसे बड़े डैमेज कंट्रोल में जुटी है। कर्नाटक (Karnataka) में पार्टी के दिग्गज नेताओं के भाजपा की रैली से किनारा करने करने के बाद सवाल खड़े होने लाजमी है। ऐसे में भाजपा के बड़े नेता भले पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक होने की बात कर रहे हों लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है वो कुछ अलग है।
कर्नाटक बीजेपी दो वरिष्ठ नेता डीवी सदानंद गौड़ा (DV Sadananda Gowda) और केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) की चर्चा इन दिनों पार्टी को पक्ष में नहीं बल्कि उनके नाराजगी को लेकर हो रही है। ऐसे में सवाल की इस बात है कि चुनाव नजदीक आते ही ये दोनों नेता बीजेपी से बगावत के रास्ते पर क्यों हैं।

कर्नाटक के शिवमोगा में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने सबसे पहले देश को जाति में बांटा, समुदाय में बांटा, धर्मक्षेत्र और भाषा के आधार पर लोगों को बांटा और सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस ने देश का बंटवारा भी हो गया। अब कांग्रेस फिर से देश को बांटने वाले खतरनाक खेल खेलने लगी है.
पीएम मोदी ने सोमवार (18 मार्च) को कर्नाटक के शिवमोगा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। मंच से पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सबसे पहले देश को जाति में बांटा, समुदाय में बांटा, धर्मक्षेत्र और भाषा के आधार पर लोगों को बांटा और सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस ने देश का बंटवारा भी हो गया। पीएम ने आरोप लगाए कि कांग्रेस एक बार फिर से देश को बांटने वाले खतरनाक खेल खेलने लगी है।
टिकट नहीं दिए जाने से पार्टी से नाराज वरिष्ठ भाजपा नेता डीवी सदानंद गौड़ा के कांग्रेस में शामिल होने और मैसूरु से चुनाव लड़ने की संभावना है। गौड़ा ने कहा है कि कांग्रेस नेताओं ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वे पार्टी सदस्यों और समर्थकों से परामर्श करने के बाद मंगलवार इस पर निर्णय लेंगे।
वहीं पीएम शिवमोगा में पीएम की रैली में केएस ईश्वरप्पा शामिल नहीं हुए। दावा किया जा रहा है बीजेपी के वरिष्ठ ओबीसी नेता ईश्वरप्पा ने भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार को रूप चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। ऐसे में पीएम की रैली से दूरी बनाकर ईश्वरप्पा ने बीजेपी से बगावत का संकेत दे दिया है।
सदानंद गौड़ा क्यों कर सकते हैं बीजपी से बगावत
कर्नाटक में सदानंद गौड़ा वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते हैं। गौड़ा एनडीए शासन में रेलवे, कानून और न्याय और सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन विभागों पर रहे। रेवले विभाग उनसे वापस लिए जाने के बाद से वे बीजेपी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे।
ईश्वरप्पा की नाराजगी किसलिए?
शिवमोगा में ईश्वरप्पा अपने बेटे केई कांतेश को हावेरी से टिकट नहीं दिए जाने से नाराज चल रहे हैं। ईश्वरप्पा ने इसके लिए येदियुरप्पा को जिम्मेदार ठहराया और पिछले हफ्ते निर्दलीय तौर ताल ठोंकने का ऐलान करते हुए रविवार को अपना चुनाव अभियान शुरू किया दिया। दरअसल, ईश्वरप्पा, येदियुरप्पा के लंबे समय तक सहयोगी रहे थे और दोनों ने कर्नाटक में भाजपा को एक प्रमुख राजनीतिक ताकत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। ओबीसी नेता इस बात से नाराज हैं कि वह अपने बेटे को पार्टी में स्थापित नहीं कर पाए।












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