फिर खुली नेशनल हेराल्ड की 'फाइल', प्रवर्तन निदेशालय ने सोनिया गांधी और राहुल को भेजा समन
नई दिल्ली, 01 जून: प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले की फाइल फिर से खोल दी है। साथ ही इस मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी सांसद राहुल गांधी को समन भेजा गया। दोनों नेताओं से 8 जून को पूछताछ हो सकती है। इस मामले की जांच को 2015 में ही बंद कर दिया गया था, ऐसे में 7 साल बाद दोबारा जांच होने से कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। साथ ही इसे विपक्ष की आवाज दबाने वाला कदम बताया।
Recommended Video

मामले में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 1942 में नेशनल हेराल्ड अखबार शुरू किया गया, उस समय अंग्रेजों ने इसे दबाने की कोशिश की, आज मोदी सरकार भी यही कर रही है और इसके लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा। ईडी ने हमारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नोटिस दिया है। हम लोग इससे झुकने वाले नहीं हैं, बल्कि हम सीना ठोककर लड़ेंगे। सुरजेवाला ने आगे कहा कि इस पूरी साजिश के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ है। ईडी उनकी पालतू एजेंसी बन गई है। सोनिया और राहुल गांधी को नोटिस देना कायराना हरकत है।
वहीं मामले में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 8 जून को सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया है। कांग्रेस अध्यक्ष इस जांच में जरूर शामिल होंगी। वहीं राहुल अभी विदेश में हैं, अगर वो वापस आ जाते हैं तो वो भी जाएंगे, वर्ना वो ईडी से आगे का समय मागेंगे।
ये है पूरा मामला?
नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में हुई थी। ये कई बार शुरू हुआ और फिर बंद हो गया। 2008 में ये अखबार फिर से पूरी तरह बंद कर दिया गया था और अखबार का मालिकाना हक एसोसिएट जर्नल्स को दे दिया गया। इस कंपनी ने कांग्रेस से बिना ब्याज के 90 करोड़ रुपये कर्जा लिया, लेकिन अखबार फिर भी शुरु नहीं हुआ। वहीं 2012 में इसका मालिकाना हक यंक इंडिया को ट्रांसफर कर दिया गया। इस कंपनी में 76 फीसदी हिस्सेदारी सोनिया और राहुल की थी। आरोप है कि यंग इंडिया ने हेराल्ड की संपत्ति को 50 लाख में हासिल किया, जबकि उसकी कीमत 1600 करोड़ के आसपास थी। इसके बाद ये मामला कोर्ट भी गया था।












Click it and Unblock the Notifications