जियो इंस्टीट्यूट के मामले पर वित्त मंत्रालय और HRD आमने-सामने
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा रिलायंस ग्रुप के जियो इंस्टीट्यूट को कुछ समय पहले इंस्टीट्यूट ऑफ इमिनेंस का दर्जा दिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। वहीं, इसको लेकर ये भी खबर आ रही है कि इस मामले को लेकर सरकार के दो बड़े मंत्रालय आमने-सामने आ गए थे। बताया जा रहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस फैसले का वित्त मंत्रालय द्वारा जमकर विरोध किया गया था।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एक आरटीआई की मदद से ये मालूम हुआ है कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कहा कि इमिनेंस देने से इस तरह के संस्थानों को स्थापना से पहले ही अपनी ब्रांड वैल्यू सुधारने का मौका मिल जाएगा और उन्हें पहले से मौजूद सरकारी और निजी संस्थानों से ऊपर जगह भी मिल जाएगी। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा ये कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई थी केवल इसलिए ऐसे संस्थानों को इमिनेंस नहीं दिया जा सकता कि इनको बनाने वाले का इरादा नेक है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय को ऐसा ना करने की चेतावनी भी दी गई थी। खबरों के मुताबिक,इमिनेंस के मामले में मंत्रालय में भीतर भी आम राय नहीं थी और इसको लेकर आपत्ति जताई गई थी। 27 जुलाई, 2016 को मंत्रालय के अधीन उच्च शिक्षा विभाग ने 5 डिविज़नल हेड्स को एक नोट जारी कर पूछा था कि क्या इंस्टीट्यूट ऑफ़ इमिनेंस को लेकर जो ड्राफ्ट आया है वो केंद्र की मदद से चलने वाले संस्थानों के प्रावधानों का उल्लंघन तो नहीं है।
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