कांग्रेस की हार से खतरे में राहुल गांधी की ताजपोशी
नयी दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम तकरीबन साफ हो गए हैं। अगर पांचों राज्यों के नतीजों को एक वाक्य में समेटा जाए तो कहा जा सकता है कि कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। दो राज्यों (असम और केरल) से जहां उसकी सत्ता चली गई है, वहीं तमिलनाडु में डीएमके के साथ मिलकर सत्ता में वापसी के उसके मंसूबे भी फेल हो गए हैं। ऐसे में अब राहुल गांधी की ताजपोशी भी खतरे में आ गई है। कांग्रेस का 'हाथ' और लेफ्ट का पश्चिम बंगाल में 'सत्यानाश'!

सूत्रों की माने तो खुले तौर पर राहुल गांधी के खिलाफ भले ही पार्टी का कोई भी नेता न बोले लेकिन पार्टी के कई नेता राहुल गांधी के फ़ैसलों और व्यवहार को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। 129 साल पुरानी पार्टी की वह सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेता हैं। राहुल गांधी को जनवरी 2013 में कांग्रेस के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राहुल गांधी ने स्वीकारा हार
हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी लोगों का विश्वास जितने के लिए और अधिक मेहनत करेगी। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ''हम तब तक मेहनत करते रहेंगे जबतक लोगों के विश्वास को जितने में कामयाब नहीं हो जाते।''












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