चुनावी खर्चे में जुड़ेगी सोशल मीडिया पर नेताओं की नेतागिरी

चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आचार संहिता सोशल मीडिया में व्यक्त विचारों पर भी लागू होगी। अधिकारियों और राजनीतिक दलों को जारी आयोग के आदेश के मुताबिक, सभी प्रत्याशियों को ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट, सोशल मीडिया राजनीतिक विज्ञापन का सत्यापन और न्यू मीडिया व्यय का ब्योरा देना होगा।
आदर्श चुनाव आचार संहिता 4 अक्टूबर से लागू हो चुकी है। इसी दिन छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान के विधानसभा चुनावों की घोषणा हुई। आयोग ने कहा है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के दायरे में मुद्रित और टीवी के विषय भी शामिल होंगे। जहां तक प्रत्याशी और राजनीतिक दलों के अलावा आम लोगों द्वारा पोस्ट की गई सामग्री का सवाल है, उस मुद्दे से निपटने का उपाय तलाशने के लिए आयोग संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से विमर्श कर रहा है।
आयोग का यह आदेश चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल और मीडिया में चुनावी कानून के उल्लंघन की तरफ ध्यान दिलाए जाने के बाद आया है। आयोग के मुताबिक, साल दर साल वेब और सोशल मीडिया का आकार बढ़ता गया है और राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों ने चुनाव के दौरान अन्य मीडिया की तरह इसके नियमन की मांग की है।












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