टिकट कटने पर भाजपा नेता एकनाथ खड़से ने अपनाए बागी तेवर, पर्चा भरा
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में भाजपा के बड़े नेता एकनाथ खड़से ने टिकट जाने के बाद बगावती तेवर अपना लिए हैं। भाजपा की ओर से जारी लिस्ट में नाम ना होने के बाद खड़से ने नामांकन भर दिया है। पूर्व मंत्री खड़से मुक्ताईनगर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। इसी सीट से उन्होंने अपना नामांकन किया है। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय से वो भाजपा के वफादार हैं और उन्हें अभी भी टिकट की उम्मीद है। खड़से की सीट से अभी किसी और के नाम का ऐलान नहीं हुआ है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मंगलवार को 125 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। भाजपा ने 12 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया है, जिसमें एकनाथ खड़से भी हैं। टिकट कटने के बाद एकनाथ खड़से ने समर्थकों के साथ पहुंच नामांकन कर दिया। पर्चा दाखिल करने के बाद खड़से ने कहा, पार्टी की तरफ से जारी सूची में मेरा नाम नहीं है। उसमें पहला नाम मेरा होना चाहिए था। मैंने नामांकन दाखिल कर दिया है। मुझे टिकट मिलने की अभी भी उम्मीद है। मैं नहीं जानता यह सीट बीजेपी के पास जाएगी या शिवसेना के पास। मैं इतना जानता हूं कि पिछले 42 वर्षों से मैं बीजेपी का वफादार सिपाही हूं।
खड़से ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले 25 सालों से प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के समय से मैं महाराष्ट्र बीजेपी के फैसले लेने वाली ईकाई में शामिल रहा हूं। मैं दूसरे के टिकट का फैसला करता था। मैं पूरी तरह से पार्टी के लिए अगर पार्टी के लिए वफादार रहा और आज मैं अपने टिकट को लेकर परेशान हूं। क्या पार्टी से वफादारी अपराध है। खड़से ने कहा कि वो अब अपने रास्ते चलेंगे।
महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ खड़से जाना पहचाना चेहरा हैं। वो लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। 2014 में भाजपा शिवसेना की सरकार बनने के बाद फडणवीस सरकार में उनको वित्त मंत्री बनाया गया था। खड़से को जमीन घोटाले में नाम आने के बाद मंत्रिपद छोड़ना पड़ा था।












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