ED ने तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन के घर समेत तीन स्थानों पर मारा छापा, जानें क्या है आरोप?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डीएमके महासचिव और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग योजना की जांच शुरू शुरू कर दी है। शुक्रवार को ईडी ने दुरईमुरुगन के आवास के साथ-साथ तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में तीन अन्य स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें दुरईमुरुगन और अन्य आरोपी पक्ष शामिल थे।
यह मामला भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियमों के कथित उल्लंघन और नोटबंदी के दौरान बैंक अधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें अवैध मुद्रा विनिमय शामिल है।

यह अभियान आरबीआई के दिशा-निर्देशों उल्लंघनों से संबंधित है। जिसमें 200 रुपये के नोटों को 500 और 1,000 रुपये के नोटों के साथ अवैध रूप से बदलने का आरोप है। ईडी का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने सरकार की विमुद्रीकरण पहल द्वारा निर्धारित सीमाओं को दरकिनार कर फायदा उठाया है।
बता दें 8 नवंबर, 2016 को मोदी सरकार ने विमुद्रीकरण किया था और कुछ नोटों को बंद कर दिया था। मोदी सरकार की ये कोशिश काले धन को खत्म करने, नकली मुद्रा प्रचलन का मुकाबला करने, आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए किया था। इसके साथ ही रोजगार बढ़ाने और नकदी रहित डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए की थी।
विमुद्रीकरण नीति 500 और 1,000 रुपये के नोटों की वैध मुद्रा को अमान्य करना केंद्र द्वारा एक साहसिक कदम था, जिसका उद्देश्य अघोषित धन को बाहर निकालना से लेकर डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना और नकदी निर्भरता को कम करना था।
इस मामले में मूल बैंक अधिकारियों द्वारा अवैध मुद्रा विनिमय की संदिग्ध सुविधा देने का भी आरोप शामिल है। इन्होंने कथित तौर पर कुछ लोगों को काले धन और नकली मुद्रा से निपटने के उद्देश्य से किए गए विमुद्रीकरण नियमों को दरकिनार करने में मदद की।
इन आरोपों की जांच करके, ईडी का लक्ष्य कथित उल्लंघनों के दायरे का पता लगाना और योजना में शामिल सभी व्यक्तियों को चिन्हित करना है। दुरईमुरुगन के आवास और संबंधित स्थानों पर की गई तलाशी कथित मनी लॉन्ड्रिंग और 2016 में हुई नोटबंदी से जुड़ी हुई है।












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