आधार से पासपोर्ट तक, पाकिस्तानी नागरिक ने बना डाले 5 भारतीय पहचान पत्र! ED ने कोलकाता से किया गिरफ्तार
Pakistani Man With Fake Indian IDs: कोलकाता की गलियों में एक ऐसा व्यक्ति वर्षों से खुलकर रह रहा था, जिसकी सच्चाई जानकर जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। वह दिखने में आम इंसानों जैसा था, लेकिन असल में वह एक गहरी साजिश का हिस्सा था। झूठी भारतीय पहचान के सहारे भारत में घुसा यह व्यक्ति न केवल फर्जी दस्तावेज बनवाने का मास्टरमाइंड निकला, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क भी चला रहा था।
आजाद मलिक नाम का यह पाकिस्तानी नागरिक, जिसने आधार से लेकर भारतीय पासपोर्ट तक हासिल कर रखा था।वह लंबे समय से देश की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी करता रहा। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से उसकी असलियत सबके सामने आ गई है। उसने अहमद हुसैन आजाद और आजाद हुसैन के नाम से भी अपनी पहचान बना रखी थी।

बांग्लादेशियों के लिए बनवाता था फर्जी दस्तावेज
ED की जांच में पता चला कि मलिक बांग्लादेश के नागरिकों के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाता था। वह इन लोगों को विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट और वीजा दिलवाने में मदद करता था। इसके लिए वह पैसे लेता और हवाला के जरिए लेनदेन करता था। इस तरह वह भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध रूप से पैसे भेजने का नेटवर्क चला रहा था।
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फोन से मिला पाकिस्तानी ड्राइविंग लाइसेंस
ED को मलिक के मोबाइल फोन से 1994 में जारी एक पाकिस्तानी ड्राइविंग लाइसेंस मिला, जिसमें उसका नाम 'आजाद हुसैन' और फोटो 'अजाद मलिक' के रूप में थी। इस लाइसेंस में उसका स्थायी पता पाकिस्तान का और जन्मतिथि 14 अगस्त 1971 दर्ज थी। लाइसेंस हैदराबाद (पाकिस्तान) के एक प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया था।
हवाला नेटवर्क से जुड़ी बड़ी साजिश का खुलासा
मलिक UPI और नकद दोनों माध्यमों से पैसे एकत्र करता था। फिर वह बांग्लादेश में Bkash जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से यह पैसा पहुंचाता था। ये धनराशि बांग्लादेशी नागरिकों से ली जाती थी, जिन्हें वह विदेश भेजने का झांसा देता था। मलिक अमेरिकी डॉलर, बांग्लादेशी टका और भारतीय रुपये में लेनदेन करता था।
फॉरेन करेंसी चेंजर्स भी घेरे में
ED ने बताया कि मलिक कोलकाता में विदेशी मुद्रा बदलने वाले कुछ कारोबारियों के साथ मिलकर फर्जी लेन-देन करता था। ये कारोबारी नकद में जमा हुए पैसे को वैध विदेशी मुद्रा बिक्री के रूप में दिखाते थे, जबकि असल में यह पैसा अवैध गतिविधियों से आता था।
परिवार के बहाने बार-बार जाता था बांग्लादेश
जांच में यह भी सामने आया कि मलिक की पत्नी मयमुना अख्तर और दो बेटे, ओसामा बिन आजाद और उमर फारूक बांग्लादेश में रहते हैं। वह उनसे मिलने अक्सर बांग्लादेश जाया करता था।
कोर्ट ने स्वीकार की शिकायत, जल्द होगी सुनवाई
13 जून को ED ने कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में मलिक के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। अब इस केस की सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है।
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