अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम: ED ने आरोपी राजीव सक्सेना की 385 करोड़ की संपत्ति की कुर्क
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को ऑगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाला के आरोपी राजीव सक्सेना की धनशोधन से जुड़े मामलों में पांच स्विस बैंक खातों सहित 385.44 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। राजीव सक्सेना के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की गई है। ईडी ने बताया कि, यह कुर्की धनशोधन के दो मामलों से जुड़ी है जो 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले और मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले से संबंधित हैं।

ईडी ने एक बयान में कहा, कुर्क संपत्तियों में पाम जुमीराह, दुबई स्थित एक विला, जिसका मूल्य दो करोड़ अरब अमीरात दिरहम है, और 4.5 करोड़ डॉलर के पांच स्विस बैंक खाते शामिल हैं। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले में आरोपी बने राजीव सक्सेना को पिछले साल जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में वह बेल पर है।
ईडी ने खुलासा किया कि आरोपी राजीव सक्सेना एक "हवाला ऑपरेटर" और "आवास प्रविष्टि प्रदाता" है। जो मैट्रिक्स समूह की कंपनियों के रूप में जानी वाली कई कंपनियों के जरिए दुबई में एकोमेटेशन एंट्री बिजनेस चलाता है। इस स्कैम के प्रमुख आरोपियों में कंपनी के प्रमोटर, कारोबारी रतुल पुरी और उसके पिता दीपक पुरी शामिल हैं। रतुल पुरी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे हैं।
राजीव सक्सेना ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अभियुक्तों द्वारा किए गए अपराध की कार्यवाही को रोकने या मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों को दिए गए ऋणों की गलत व्याख्या करके बैंकों को ठगने के लिए संरचनाओं का निर्माण किया था। राजीव सक्सेना को कोर्ट ने 14 फरवरी 2019 को अंतरिम जमानत दी थी।












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