Gaming app case: कोलकाता में कारोबारी के घर ED का छापा, 1.65 करोड़ कैश जब्त, 7 करोड़ रुपये की बिटकॉइन फ्रीज
मनीलॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ईडी ने कोलकाता में बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने ये एक्शन मोबाइल गेमिंग ऐप ई-नगेट्स को लेकर की है।
E-Nuggets Gaming app case: मनीलॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी ने कोलकाता में बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने ये एक्शन मोबाइल गेमिंग ऐप ई-नगेट्स (E-Nuggets) को लेकर की है। ईडी की छापेमारी में कारोबारी के घर से आपत्तिजनक दस्तावेज के साथ 7 करोड़ 12 लाख की बिटकॉइन और 1 करोड़ 65 लाख रुपये कैश मिले हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता के उल्टाडांगा में व्यवसायी उमेश अग्रवाल के कार्यालय पर छापा मारा। जिसमें 1.65 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की और 44.5 बिटकॉइन जब्त किया। जब्त की गई बिटकॉइन की कीमत 7.12 करोड़ रुपये के बराबर है। पिछले दिनों जिसमें ईडी पिछले हफ्ते शनिवार 6 जगहों पर छापेमारी की थी। जिसमें कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में आमिर खान (Amir Khan) के घर से ईडी ने छापेमारी में 17.32 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे जिसके बाद अब आरोपी के करीबी के घर छापा मारा है।
प्रवर्तन निदेशालय ने अल्टडांगे के उमेश अग्रवाल (Umesh Aggrawal) के घर से एक करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। ईडी द्वारा जारी एक तस्वीर में 500 रुपये के नोटों के कई बंडलों के साथ-साथ 2,000 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के नोटों के कुछ बंडल दिखाई दे रहे हैं। ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कहा गया, "मोबाइल गेमिंग ऐप यानी ई-नगेट्स से संबंधित जांच के संबंध में कोलकाता में 2 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया और 1.65 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की, 44.5 बिटकॉइन (7.12 करोड़ रुपये के बराबर) और पीएमएलए के तहत अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए"।
ये है मामला
आरोपी आमिर खान ने 'ई नगेट्स' मोबाइल गेमिंग एप को लॉन्च किया था। जिसके यूजर्स गेम खेलकर पैसा जीत रहे थे। ये पैसा उनके वॉलेट में जमा हो रहा था। बाद में यूजर्स जब बड़ी रकम इंवेस्ट करने लगे तो उनके वॉलेट में करोड़ों जमा हो रहे थे। ऐसे में एप प्रमोटर ने यूजर्स के वॉलेट से धन निकासी पर रोक लगा दी। जिससे उनका सारा पैसा प्रमोटर्स के पास रह गया। मामले में कोलकाता की पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन द्वारा 15 फरवरी, 2021 को आईपीसी की धारा 420, 406, 409, 468, 469, 471, 34 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। मामले में ऐप डेवलपर आमिर खान और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ फेडरल बैंक के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी।












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