जयशंकर ने EU की वाइस प्रेसिडेंट से की मुलाकात, सहयोगी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर बनी सहमति
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को यूरोपीय कमीशन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और वाइस प्रेसिडेंट (HRVP) काजा कल्लास से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सार्थक बातचीत हुई। जयशंकर ने एक्स पर इस मुलाकात को भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती सहजता और मजबूत समानताओं का प्रतीक बताया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हमने अपने आदान-प्रदान को तेज करने और सहयोगात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।" इसी दिन, जयशंकर ने यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की।

विदेश मंत्री ने बोले- EU शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगा
गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि मंगलवार को होने वाला भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
जयशंकर ने एक्स पर इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा, "यूरोपीय संघ परिषद और आयोग के अध्यक्षों का भारत में स्वागत करते हुए खुशी हुई। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उनका होना एक बड़ा सौभाग्य है।"
EU शिखर सम्मेलन में हो सकती है बड़ी घोषणाएं
बता दे मंगलवार को, वॉन डेर लेयेन और कोस्टा प्रधानमंत्री के साथ भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान दोनों पक्ष व्यापार और निवेश से लेकर सुरक्षा और गतिशीलता तक विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं।
वे एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा भी कर सकते हैं, जिस पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, साथ ही एक सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को अंतिम रूप दिया जाएगा।
EU प्रेसिडेंट ने जताई ये उम्मीद
यूरोपीय संघ की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोप ने अपनी पूरक शक्तियों का लाभ उठाते हुए और पारस्परिक लचीलापन विकसित करते हुए एक रणनीतिक साझेदारी का विकल्प चुना है। यह कदम एक "विभाजित दुनिया" को एक नया रास्ता दिखाने का प्रयास है।
गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ एफटीए पर अंतिम दौर की गहन चर्चा में लगे हुए हैं। लगभग एक दशक के अंतराल के बाद 2022 में इसकी वार्ता फिर से शुरू हुई थी। पिछले साल दोनों पक्षों के नेतृत्व ने 2025 के अंत तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य रखा था। हाल के महीनों में अमेरिका की व्यापार नीतियों से उत्पन्न भू-आर्थिक उथल-पुथल ने इन वार्ताओं को और गति दी है।












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