आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद डीएसपी अमन ठाकुर की अंतिम यात्रा, लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
जम्मू। रविवार को कुलगाम में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए डीएसपी अमन ठाकुर को आज अंतिम विदाई दी गई। जम्मू के डोडा में उनके घर पर हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन को आए और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान लोगों में गम के साथ गुस्सा भी देखने को मिला। अंतिम यात्रा में शामिल लोग 'भारत माता की जय' के साथ 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाते रहे। कुलगाम एनकाउंटर में ऑपरेशन में तीन आतंकी मारे गए, इस कार्रवाई में डीएसपी अमन ठाकुर और सेना के हवलदार शहीद हो गए, मुठभेड़ में एक मेजर और जवान घायल हैं।

डीसीपी अमन ठाकुर 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। शहादत की खबर के बाद से ही जम्मू में उनके घर में मातम पसरा है। जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी अमन ठाकुर अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, छह साल के बेटे और भाई को छोड़कर गए हैं।
अमन ठाकुर को पुलिस बल में शामिल होने का जुनून था, वह दो सरकारी नौकरियां छोड़कर पुलिस में शामिल हुए थे। पहली नौकरी उन्हें समाज कल्याण विभाग में मिली थी. इसके बाद वह एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरर के पद पर नियुक्त हुए थे लेकिन आखिर में उन्होंने पुलिस को चुना।
ठाकुर को हाल ही में डीजीपी पदक एवं प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके साहस के लिये उन्हें शेर-ए-कश्मीर वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया था। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ठाकुर की शहादत पर दुख प्रकट किया है।












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