Adani university convocation: इंफ्रास्ट्रक्चर से इनोवेशन तक, अडानी विश्वविद्यालय में प्रतिभाओं का दिखा जलवा
Adani university convocation: अडानी विश्वविद्यालय के शांतग्राम कैंपस में शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को जोश और उत्साह से भरा दीक्षांत समारोह गूंज उठा। दूसरे convocation में जिसमें तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय पदक विजेताओं सहित 87 होनहार छात्रों को सम्मानित किया गया।
मंच पर डॉ. प्रीति जी अडानी और सवि एस सोइन ने देश के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ी से बढ़ते डिजिटल बदलाव और विश्वविद्यालय के भविष्य-ready कैंपस की रोमांचक योजनाओं पर रोशनी डाली। 79 एमबीए (इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट) और 8 एम.टेक (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट) स्नातकों को डिग्रियां मिलते ही माहौल तालियों से गूंज उठा, जहां छात्रों के परिवार, संकाय, उद्योग विशेषज्ञ और विशेष अतिथि इस यादगार पल के साक्षी बने।

डॉ. अडानी ने बड़े सरल और प्रभावी अंदाज़ में कहा कि असली इंफ्रास्ट्रक्चर वही है, जो सीधे लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाए। उनके शब्दों में, कनेक्टिविटी और सुविधा देना ही काफी नहीं, बल्कि यह जिम्मेदारी भी है कि हम ऐसी सिस्टम तैयार करें, जो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और नए मौके दे सके। उन्होंने बताया कि अब प्रगति को सिर्फ स्पीड, साइज या एफिशिएंसी से नहीं तौला जाएगा-बल्कि इससे कि आम लोग कितनी अच्छी और सुरक्षित ज़िंदगी जी पा रहे हैं।
डॉ. अडानी ने आगे समझाया कि आने वाले दशक का इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा बनाने के बारे में नहीं, बल्कि बेहतर बनाने के बारे में होगा। उन्होंने भारत की सदियों पुरानी सभ्यता को हमारी असली ताकत और प्रेरणा बताते हुए छात्रों से कहा कि वे खुद को 'उभरते भारत' के निर्माता की भूमिका में देखें-ठीक उसी तरह जैसे अडाणी समूह देश के विकास और राष्ट्र निर्माण के मिशन पर काम कर रहा है।
डॉ. अडाणी ने युवाओं को प्रेरित किया
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आप उस सभ्यता के वारिस हैं जिसने गहराई से सोचा, हिम्मत से बनाया और ईमानदारी से नेतृत्व किया।" उन्होंने आग्रह किया कि इस विरासत को सिर्फ इतिहास की तरह न देखें, बल्कि इसे अपने करियर की जिम्मेदारी बनाएं। डॉ. अडाणी ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे नवाचार, नैतिकता और व्यावहारिक अनुसंधान के जरिए ऐसे समाधान तैयार करें जो भारत की विकास यात्रा को और तेज़ कर सकें।
सभी छात्रों व पदक विजेताओं को बधाई दी
क्वालकॉम इंडिया के अध्यक्ष श्सवि एस सोइन ने दीक्षांत समारोह में प्रेरक भाषण दिया और सभी छात्रों व पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने बताया कि कैसे भारत सेमीकंडक्टर, एआई, मोबिलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी उन्नत तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
सोइन ने कहा कि जैसे-जैसे भारत इन नई तकनीकों में आगे बढ़ रहा है, उद्योग और विश्वविद्यालयों की साझेदारी पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गई है। उनके अनुसार, अडाणी विश्वविद्यालय का मल्टी-डिसिप्लिनरी मॉडल छात्रों को सिर्फ बदलाव का हिस्सा बनने के लिए नहीं, बल्कि भारत की असली चुनौतियों को समझकर नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे हमेशा सीखते रहें, सिस्टम थिंकिंग अपनाएं, नैतिक नेतृत्व करें और स्थिरता के प्रति जागरूक रहें-क्योंकि आने वाले समय में एक मजबूत और आधुनिक भारत बनाने के लिए ये गुण बेहद जरूरी होंगे। समारोह का समापन सभी स्नातकों की एक सुंदर समूह तस्वीर के साथ हुआ, जिसने 87 छात्रों की मेहनत और उपलब्धियों को यादगार बना दिया।
2022 में स्थापित अडाणी विश्वविद्यालय आज तेजी से "भविष्य के लिए तैयार शिक्षा" का केंद्र बन रहा है। यहां तकनीक, अनुसंधान और उद्योग का मिलाजुला वातावरण छात्रों को बदलती दुनिया में नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है। विश्वविद्यालय का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए ज्ञान और अनुसंधान को आगे बढ़ाना है।
अडाणी विश्वविद्यालय अपने कैंपस में ऐसी शिक्षा देता है जो सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूरा "इकोसिस्टम" बनाती है। यहां कोर्स और रिसर्च के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, टीचर ट्रेनिंग, उद्यमिता, नवाचार, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और IPR जैसी चीजों पर भी बराबर ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय दुनिया भर के उद्योगों और संस्थानों के साथ साझेदारी करके क्वालिटी रिसर्च और कंसल्टिंग भी करता है।
दूसरा पैरा (साधारण, बोलचाल की भाषा):
फिलहाल विश्वविद्यालय में 1800 से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। यहां इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बिजनेस मैनेजमेंट के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम-जैसे बी.टेक, एम.टेक और एमबीए-उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय NEP के अनुरूप इंटीग्रेटेड बी.टेक + एमबीए और बी.टेक + एम.टेक प्रोग्राम भी चलाता है। इसके अलावा, जो छात्र रिसर्च करना चाहते हैं उनके लिए इंटरडिसिप्लिनरी पीएच.डी. प्रोग्राम भी है।
तीसरा पैरा (साधारण, बोलचाल की भाषा):
अडाणी विश्वविद्यालय गुजरात का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसे ISO 21001:2018 सर्टिफिकेशन मिला है। इसे उच्च शिक्षा की मैनेजमेंट सिस्टम के लिए "गोल्ड स्टैंडर्ड" माना जाता है। यह उपलब्धि दिखाती है कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उत्कृष्टता के लिए कितना गंभीर और प्रतिबद्ध है।












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