Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'अगर नोबेल नहीं मिलता तो जिंदगी बर्बाद नहीं हो जाती', जानिए अमर्त्य सेन क्यों कहा ऐसा?

Amartya Sen: नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का मानना ​​है कि नोबेल पुरस्कार जीतने से ज़्यादा जीवन में और भी महत्वपूर्ण काम हैं हैं। वह पुरस्कार को "पाना एक अच्छी बात" मानते हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इसके बिना उनका जीवन बर्बाद हो जाता।

सेन को 1998 में अर्थशास्त्र और सामाजिक विकल्प सिद्धांत में उनके योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था।बोलपुर में अपने बचपन को याद करते हुए सेन ने रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित संस्था पाथा भवन में पढ़ाई और अपने दादा-दादी के साथ रहने को याद किया।

Amartya Sen

उनका मानना ​​है कि बोलपुर में उनकी परवरिश और उनके माता-पिता के प्रभाव ने उनके काम और उनकी लिखी किताबों को आकार दिया है।

पालन-पोषण का प्रभाव

सेन मानते हैं कि ऐसे पुरस्कार पाने में किस्मत अहम भूमिका निभाती है और उन्होंने नोबेल पुरस्कार जीतने का लक्ष्य नहीं रखा था। पुरस्कार से मिले पैसों से उन्होंने प्रतीची ट्रस्ट शुरू किया, जो भारत और बांग्लादेश में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा पर केंद्रित एक शोध-आधारित चैरिटी संस्थान है।

हालांकि उन्होंने कभी टैगोर जैसा कवि बनने की इच्छा नहीं जताई, लेकिन सेन मानते हैं कि टैगोर का उन पर गहरा प्रभाव था। खास बात यह है कि टैगोर ने अपना नाम अमर्त्य चुना था। सेन अपने माता-पिता के बारे में भी बात की। उनकी मां एक लेखिका, संपादक और नर्तकी थीं, जबकि उनके पिता एक कमेस्ट्री के शिक्षक थे जो एक अखंड भारत में विश्वास करते थे।

सेन ने कहा कि रेस जीतना उनकी योजना का हिस्सा नहीं है। उन्हें पढ़ना और लिखना पसंद है,सेन के विचार इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि किस तरह व्यक्तिगत अनुभव और प्रभाव किसी के काम और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को आकार देते हैं। उनकी उपलब्धियाँ एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मजबूत पारिवारिक मूल्यों में निहित हैं।

( यह खबर PTI की है)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+