सोशल: भारत को चपत लगाकर अमरीका को महान बनाएंगे ट्रंप?

पेरिस समझौते से बाहर निकलने का फैसला कर चुके अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपना चुनावी नारा दोहराया है. ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा, ''मेक अमरीका ग्रेट अगेन,'' यानी अमरीका को फिर से महान बनाएंगे.

ट्रंप
AFP
ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले कहा

  • पेरिस समझौता चीन और भारत जैसे देशों को फ़ायदा पहुंचाता है. ये समझौता अमरीका की संपदा को दूसरे देशों में बांट रहा है. भारत अरबों डॉलर की विदेशी मदद लेकर समझौते में शामिल हुआ है.
  • हम एक नए सिरे से नया समझौता करेंगे, जिससे अमरीकी हितों की रक्षा हो सके.
  • मैं एक ऐसा समझौता करना चाहूंगा जो अमरीका के औद्योगिक हितों की रक्षा करे और लोगों की नौकरियां बचाता हो.
  • पेरिस समझौता ऐसा उदाहरण है जब वॉशिंगटन ने दूसरे देशों के फ़ायदे के लिए अमरीका के हितों को नुकसान पहुंचाया. अमरीका आज से ही गैर बाध्यकारी पेरिस समझौते को लागू करना बंद कर देगा.
  • हम नहीं चाहते कि दुनिया के नेता और देश हम पर हंसे. वो अब हम पर नहीं हंसेगे.
  • मैं पीट्सबर्ग के नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया हूं न कि पेरिस का प्रतिनिधित्व करने के लिए.
  • मैंने वादा किया था कि मैं हर उस समझौते को तोड़ दूंगा या फिर से बातचीत करूंगा जो अमरीका के हितों का ध्यान नहीं रखता है.
ट्रंप
AFP
ट्रंप

ट्रंप ने पूरा किया चुनावी वादा?

बीते साल जब ट्रंप हिलेरी क्लिंटन के साथ अमरीकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल थे. जब ट्रंप ने चुनावी प्रचार के दौरान अमरीका को जलवायु परिवर्तन समझौते से बाहर कराने का वादा किया था.

दरअसल ट्रंप ने साल 2011 में मेक अमरीका ग्रेट अगेन कहा था. तब वो राष्ट्रपति पद की दौड़ में तो शामिल नहीं थे लेकिन उन्होंने कहा था, ''मैं अपने सारे विकल्प खुले रखना चाहता हूं. क्योंकि हमें अमरीका को फिर से महान बनाना होगा.''

इसके बाद जब ट्रंप अमरीकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हुए, तब ये उनका चुनावी नारा बना.

क्या है पेरिस समझौता?

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का मतलब है उद्योगों और कृषि कार्यों से उत्सर्जित होने वाली गैसों से पर्यावरण पर होने वाले नकारात्मक और नुक़सानदेह असर.

पेरिस समझौते का मक़सद गैसों का उत्सर्जन कम कर दुनियाभर में बढ़ रहे तापमान को रोकना था.

वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना और कोशिश करना कि वो 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न बढ़े.

मानवीय कार्यों से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को इस स्तर पर लाना की पेड़, मिट्टी और समुद्र उसे प्राकृतिक रूप से सोख लें. इसकी शुरुआत 2050 से 2100 के बीच करना.

हर पांच साल में गैस उत्सर्जन में कटौती में प्रत्येक देश की भूमिका की प्रगति की समीक्षा करना.

विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तीय सहायता के लिए 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष देना और भविष्य में इसे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता.

ट्रंप के ट्वीट पर लोगों की चुटकी

@AynRandPaulRyan ने ट्रंप के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, ''दुर्भाग्य से आपके पेरिस समझौते से बाहर आने के फैसले के चलते हम सब पानी में समा जाएंगे.''

अन्ना अकाना ने लिखा, ''ट्रंप आप इस्तीफा दे दीजिए.''

ट्रंप के इस ट्वीट के सारे अल्फाबेट्स कैपिटल हैं. इस पर तंज करते हुए @ZaackHunt कहते हैं, ''मुझे लगता है कि आपका कैप्सलॉक बटन दबा रह गया है.''

जेमी कहते हैं, ''एक बार आप दफ्तर से बाहर निकल जाएं तो हम अमरीका को महान बनाने की सोच सकते हैं.''

ट्रंप की टा टा के बाद अब क्या होगा पेरिस समझौते का?

पेरिस समझौते को भारत की मंज़ूरी का मतलब

पेरिस समझौते का भारत पर क्या होगा असर?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+