Article 370: घाटी के बाद अब जम्मू के नेताओं पर एक्शन, पूर्व मंत्री लाल सिंह नजरबंद
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के बाद केंद्रशासित प्रदेश में माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है। वहीं, सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में पास होने के बाद पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरंबद किया गया था। इसके बाद अब जम्मू में स्थानीय पुलिस ने एहतियातन पूर्व मंत्री और डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को नजरबंद किया है।

जम्मू के गांधीनगर में लाल सिंह को उनके सरकारी आवास से निकलने की इजाजत नहीं है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की तैनाती और पीडीपी नेताओं की गिरफ्तारी पर महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तजा जावेद ने कहा कि सूबे के सभी नेता हिरासत में हैं और आम लोगों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। उन्होंने इसे मास अरेस्ट बताया था।
इल्तजा ने कहा, नेताओं की गिरफ्तारी पर गृह मंत्री अमित शाह झूठ बोल रहे हैं। उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला, मेरी मां और तमाम दूसरे नेताओं को हिरासत में लिया गया है। यहां मास हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ अफसर आए और उनकी मां को वारंट दिखाया और साथ ले गए। इसके पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर घाटी में लोगों को कैद किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि उमर अब्दुल्ला जेल में हैं, वे कश्मीर के हक के लिए लड़ते रहेंगे।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल का पीडीपी, एनसी और घाटी के कुछ स्थानीय संगठनों ने विरोध किया है। इस बिल के पास होने के बाद जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने उसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर भी विधानसभा के साथ केंद्रशासित प्रदेश बन गया है। जम्मू कश्मीर (खासतौर से घाटी में प्रभाव रखने वाले) के नेता और देश की कई राजनीतिक पार्टियां भारी विरोध कर रही हैं।












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