Captain Brijesh Thapa: 'मेरा 27 साल का बेटा देश पर कुर्बान, मां गर्व से बोलीं तो कोई नहीं रोक पाया आंसू
Doda Encounter Captain Brijesh Thapa: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के चार जवान शहीद हो गए। देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों में कैप्टन बृजेश थापा का नाम भी शामिल हैं।
महज 27 साल की उम्र में शहीद हुए आर्मी ऑफिसर बृजेश थापा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के बड़ा गिंग बाजार के रहने वाले थे। उनकी शहादत के बाद एक तरफ परिवार सदमे में है तो दूसरी तरफ उन्होंने गर्व भी जताया है।

नम आंखों से बेटे के लिए क्या बोलीं मां?
आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कैप्टन बृजेश थापा को खोने के गहरे दुख के बावजूद उनके माता-पिता ने देश के लिए अपने बेटे के बलिदान पर गर्व व्यक्त किया है। शहीद कैप्टन की मां निलिमा थापा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नम आंखों से बोला कि कहा कि मेरा बेटा आर्मी की ड्यूटी करते हुए देश के लिए समर्पित हो गया। मुझे मेरे बेटे पर गर्व है।
कैप्टन ब्रिजेश थापा की मां नीलिमा थापा ने अपने बेटे की शहादत पर कहा कि, "वह बहुत सभ्य बेटा था। वह हमेशा से भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था। मुझे बहुत गर्व है कि उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।''
सरकार के कार्रवाई की उम्मीद
कैप्टन की मां ने एएनआई को बताया, "वह हमारे पास वापस नहीं आएगा। रात 11 बजे हमें खबर मिली। वह बहुत ही अच्छा लड़का था। वह हमेशा से सेना में जाना चाहता था। हम उन्होंने बताया था कि सेना में जीवन कठिन है। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है, जिसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। सरकार कार्रवाई करेगी।
कर्नल रैंक से रिटायर पिता
वहीं कैप्टन थापा के पिता जो खुद कर्नल रैंक से रिटायर हुए हैं, उन्होंने एएनआई को बताया कि इंजीनियरिंग करने के बाद भी वह सेना में जाना चाहता था। उसने एक बार में ही परीक्षा पास कर ली और सेना में भर्ती हो गया। मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने देश और देश की सुरक्षा के लिए कुछ किया है। दुख की बात यह है कि हम उससे दोबारा नहीं मिल पाएंगे। मुझे खुशी है कि उसने अपने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।"
बचपन से ही सेना में जाना चाहते थे बृजेश
उन्होंने बताया कि "जब मुझे बताया गया कि वह अब नहीं रहा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। वह बचपन से ही भारतीय सेना में जाना चाहता था। वह मेरी सेना की ड्रेस पहनता था और घूमता था। वहीं कैप्टन बृजेश थापा के चाचा योगेश थापा ने केंद्र सरकार से आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अपील की है। उन्होंने कहा, "वह मेरे भाई का बेटा था। वह कल रात डोडा में एनकाउंटर में शहीद हो गया। हम उसके शव के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद हम दार्जिलिंग जाएंगे। वह 5 साल पहले सेना में शामिल हुआ था।"
आतंकियों से मुठभेड़ में 4 जवान शहीद
बता दें कि सोमवार शाम डोडा जिले के देसा जंगल एरिया में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। कार्रवाई में शहीद हुए जवानों की पहचान कैप्टन बृजेश थापा, नायक डी राजेश, सिपाही बिजेंद्र और सिपाही अजय के रूप में हुई है। सोमवार रात को विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर डोडा में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त अभियान चल रहा था। व्हाइट नाइट कोर के अनुसार आतंकवादियों के साथ संपर्क स्थापित होने के बाद भारी गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में एक अधिकारी सहित 4 सैन्यकर्मी शहीद हो गए।












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