उदयनिधि स्टालिन ने राष्ट्रपति से जोड़कर बताया 'सनातन धर्म', नए संसद भवन पर दिया ये बयान
Udayanidhi Stalin On President Murmu: सनातन धर्म की डेंगू-मलेरिया से तुलना करके सियासी बवाल खड़ा करने वाले तमिलनाडु के मंत्री और सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बयान दिया है। उदयनिधि ने नई संसद के उद्घाटन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ना बुलाना को सनातन धर्म से जोड़ा है।
सनातन धर्म को लेकर अपने बयान पर घिरे डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने जहां माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं अब उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद के दौरे के लिए नहीं बुलाना सनातन धर्म का उदाहरण है।

मदुरै में पार्टी के कार्यक्रम में दिया बयान
मदुरै में डीएमके यूथ विंग की एक बैठक में उन्होंने कहा कि सबने नई संसद का दौरा किया, लेकिन हमारे राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। उदयनिधि स्टालिन ने अपना दावा दोहराया हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, क्योंकि वह अनुसूचित जनजाति समुदाय से थीं और एक विधवा थीं।
राष्ट्रपति से जोड़कर बताया 'सनातन धर्म'
अपने सनातन धर्म पर बयान से चौतरफा सियासी हमलों से घिर चुके उदयनिधि ने बुधवार को पार्टी की बैठक में कहा, "कल, कुछ हिंदी अभिनेता आए और नई संसद का दौरा किया, लेकिन हमारे राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। क्यों? क्योंकि द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी समुदाय से हैं, क्योंकि वह एक विधवा हैं। इसे हम 'सनातन धर्म' कहते हैं।"
पार्टी कार्यकर्ताओं के समारोह को संबोधित करते हुए उदयनिधि ने कहा कि द्रमुक जन्म से लोगों के बीच समानता के लिए लड़ना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन की पूर्व संध्या पर सेनगोल पेश करने के लिए तमिलनाडु से धार्मिक प्रमुखों को नई दिल्ली भेजा गया था। लेकिन, राष्ट्रपति, जो देश के प्रथम नागरिक हैं उनको आमंत्रित नहीं किया गया।












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