मिसाल: कलेक्टर ने अपने कमरे से एसी उखाड़कर बच्चों के अस्पताल में लगवाए

भोपाल। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के कलेक्टर ने अपने चेम्बर से एसी हटवाकर अस्पताल में भर्ती कुपोषित बच्चों के केंद्र (एनआरसी) में लगवाकर एक मिशाल पेश की है। कलेक्टर ने अपने चेम्बर के साथ-साथ सभाकक्ष के तीन एसी को भी हटवाकर बीमार बच्चों बार्ड में लगवा हैं। उमरिया जिले के कलेक्टर इन दिन पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पंखे के नीचे बैठकर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह अपने वाहनों में लगी एसी की भी उपयोग नहीं कर रहे हैं।

गर्मी देखकर उमरिया कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र में लगवा दी अपनी AC

गर्मी देखकर उमरिया कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र में लगवा दी अपनी AC

उमरिया जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को गर्मी में बेहाल कुपोषित बच्चों का दर्द नहीं देखा गया तो उन्होंने रूम में एसी लगवाने के लिए चंदा इकट्ठा करने का प्लान बनाया, लेकिन उसमे सफलता नही मिली तो प्रचंड गर्मी को देखकर कलेक्टर ने अपने चैम्बर और सभा कक्ष के एसी ही बच्चो के कमरे में लगवा दिए। 45 डिग्री तापमान में यदि कोई अफसर अपने चैम्बर और वाहन से एसी हटाकर बीमार बच्चों के रूम में लगवा दे तो यह सराहनीय कदम माना ही जायेगा।

कलेक्टर के इस कदम की बच्चों के माता-पिता ने तारीफ की

कलेक्टर के इस कदम की बच्चों के माता-पिता ने तारीफ की

जिला कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि यह सहज रूप से लिया गया निर्णय था। एनआरसी बिल्डिंग के अंदर बहुत ही गर्मी थी। हम एसी की व्यवस्था कर रहे थे लेकिन वहां तुरंत एसी लगाए जाने की जरूरत थी। सोमवंशी ने कहा कि यहां चार एनआरसी ब्लॉक हैं। सभी ब्लॉक में एसी लगवा दिया गया है। यहां पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों का इलाज किया जाता है। कलेक्टर के इस कदम की बच्चों के माता-पिता ने तारीफ की है। उनका कहना है कि पंखे से निकलने वाली गर्म हवा बच्चों की तबीयत को और खराब कर रही थी, लेकिन अब उन्हें राहत मिल रही है।

कुपोषित बच्चो को अस्पताल भेजने की अपील कर रहे हैं कलेक्टर

कुपोषित बच्चो को अस्पताल भेजने की अपील कर रहे हैं कलेक्टर

आपको बता दे कि उमरिया जिले में कुपोषण एक गंभीर समस्या है जिसे दूर करने करने के लिए कलेक्टर ने इन दिनों पूरी ताकत लगाई हुई है। वह गांव-गांव जाकर चौपाल लगा रहे हैं और लोगों को जागरूक करके कुपोषित बच्चो को अस्पताल भेजने की अपील कर रहे हैं। वह इसे लगातार रुटीन काम के तौर पर कर रहे हैं। कलेक्टर की इस पहल से अस्पताल में भर्ती बच्चों के साथ परिजन और डाक्टर भी राहत महसूस करने रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+