काफिले पर हमला: दिलीप घोष बोले- BJP की लोकप्रियता से निराश TMC, पहले भी हो चुका है अटैक
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार के पास आज (12 नवंबर) राज्य के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष के काफिले पर हमला किया गया। बीजेपी नेता की कार पर हमला करने वाले प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे भी दिखाए और 'गो बैक' के नारे लगाए। इस बीच बीजेपी कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीछ झड़प भी हुई जिसको पुलिसबल द्वारा नियंत्रित कर लिया गया। हमले बाद अब दिलीप घोष की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने काफिले पर हमले का जिम्मेदार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बताया है।
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मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल की बीजेपी इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, 'यह कोई नई बात नहीं है, मुझ पर पहले भी कई बार हमले हुए हैं। चूंकि बीजेपी राज्य में लोकप्रियता हासिल कर रही है इसलिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) काफी निराश है और ऐसे हमलों को अंजाम दे रही है। राजनीतिक हिंसा को रोकने के लिए हमें बंगाल में बदलाव की आवश्यकता है।' बता दें कि दिलीप घोष के काफिले पर उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के जयगांव में गुरुवार की दोपहर के समय हुआ। दिलीप घोष की गाड़ियों के शीशे टूट गए और खुशकिस्मती से बीजेपी नेता बाल-बाल बच गए।
It's nothing new, I have been attacked many times earlier. As BJP is gaining popularity in the state so these attacks are being carried out by TMC as they are frustrated. We need change in Bengal to stop political violence: BJP West Bengal Chief Dilip Ghosh https://t.co/X9h6UdmY9A pic.twitter.com/Xwm5v3ftXe
— ANI (@ANI) November 12, 2020
जानकारी के मुताबिक, दिलीप घोष और दूसरे भाजपा नेता गुरुवार को मदारीहाट में आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। जब ये लोग कार्यक्रम से लौट रहे थे तो कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और हमला किया। हमले में विधायक विल्सन चंपामारी की गाड़ी को नुकसान पहुंचा है। बीजेपी ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के विमल गुरुंग गुट के लोगों को इस हमले के पीछे होने का आरोप लगाया है। भाजपा की ओर से कहा गया है विमल गुरुंग गुट के लोगों ने पहले नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाए और फिर पथराव किया। बताया गया है कि बंगाल भाजपा अध्यक्ष जिस गाड़ी में बैठे हुए थे, वह आगे निकल गई और पीछे आ रही गाड़ी हमले की चपेट में आ गई। दिलीप घोष के काफिले पर हमले के बाद बीजेपी ने ममता बनर्जी की सरकार को घेरा है और अपने नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
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