Dilip Ghosh Love Story: 61 की उम्र में तलाकशुदा महिला से रचाई शादी, बंगाल में अमित शाह ने दी बड़ी जिम्मेदारी
Dilip Ghosh Love Story: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय दिलीप घोष एक बार फिर चर्चा में हैं। कोलकाता में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद वह फिर एक्शन में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में लगातार चुनावी सभाएं करेंगे। पार्टी दफ्तर में उन्होंने बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है। पिछले 8 महीने से राजनीतिक वनवास झेल रहे घोष कुछ समय पहले अपनी शादी की वजह से चर्चा में थे।
वरिष्ठ बीजेपी नेता दिलीप घोष ने 18 अप्रैल 2025 को शादी की थी। घोष ने अपनी पार्टी की सहयोगी और महिला मोर्चा से जुड़ी नेता रिंकू मजूमदार के साथ घर में एक सादे समारोह में विवाह किया। इस शादी में चुनिंदा लोग ही शामिल हुए थे। घोष की यह पहली शादी है जबकि रिंकू की पहले एक शादी हो चुकी है।

Dilip Ghosh Love Story: मॉर्निंग वॉक पर दिल मिले, मां के कहने पर शादी
दिलीप घोष की यह पहली शादी है, जबकि रिंकू मजूमदार तलाकशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है। शादी के फैसले पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि उन्होंने अपनी मां की राय से शादी की है। उन्होंने कहा कि मां चाहती थीं कि हम दोनों शादी के बंधन में बंध जाएं। दिलीप घोष अपनी निजी जिंदगी के बारे में चर्चा करना पसंद नहीं करते हैं। हालांकि, कपल ने खुद स्वीकार किया कि दोनों पार्टी के काम से मिलते थे। बंगाल और राष्ट्र निर्माण के बारे में बातें होती थीं। अक्सर साथ में मॉर्निंग वॉक भी करते थे। इसी दौरान दिल मिले और आखिरकार विवाह के बंधन में बंध गए।
कौन हैं दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार?
रिंकू मजूमदार भाजपा की एक सक्रिय कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से पार्टी से जुड़ी हुई हैं। वह महिला मोर्चा में भी अहम भूमिकाएं निभा चुकी हैं। उनका बेटा आईटी सेक्टर में काम करता है। बताया जाता है कि दिलीप घोष के लोकसभा चुनाव हारने के बाद रिंकू ने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे बाद में दोनों परिवारों की सहमति से आगे बढ़ाया गया। दोनों की शादी बंगाली रीति-रिवाजों के साथ सादे ढंग से हुई थी। इस शादी के बाद सीएम ममता बनर्जी समेत कई दिग्गजों ने उन्हें बधाई दी थी।
Bengal Chunav में अमित शाह ने सौंपी जिम्मेदारी
पिछले 8 महीने से राजनीतिक वनवास में रह रहे दिलीप घोष पर एक बार फिर गृहमंत्री अमित शाह ने भरोसा दिया है। उन्हें सक्रियता के साथ प्रदेश में चुनाव प्रचार करने का निर्देश दिया है। शाह और घोष पहले भी 2021 विधानसभा चुनावों में भी साथ काम कर चुके हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि गृहमंत्री प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष की जमीन पर काम करने की क्षमता और चुनावी रणनीति से प्रभावित रहे हैं। इसलिए चुनाव से पहले उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।












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