दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में नहीं चढ़ने देने के मामले में DGCA ने इंडिगो को भेजा कारण बताओ नोटिस
नई दिल्ली, मई 16। हाल ही में एक दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में नहीं चढ़ने देने वाले मामले में भारतीय विमान नियामक DGCA ने इंडिगो एयरलाइंस को दोषी माना है। इसके लिए डीजीसीए ने एयरलाइंस को एक 'कारण बताओ' नोटिस भी जारी किया है, जिसका जवाब देने के लिए एयरलाइंस को 26 मई तक का समय दिया गया है।

डीजीसीए ने एयरलाइन का व्यवहार बताया खराब
आपको बता दें कि DGCA की एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पूरी घटना की जांच कर रही थी। इस कमेटी ने अथॉरिटी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि पूरी घटना के दौरान इंडिगो एयरलाइंस का व्यवहार सही नहीं था। एयरलाइन के कर्मचारियों ने दिव्यांग बच्चे के साथ अनुचित व्यवहार किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर डीजीसीए ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है, जिसमें पूछा गया है कि बच्चे के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारी पर क्या एक्शन लिया गया?
DGCA की कमेटी ने अपनी जांच के दौरान परिवार के लोगों से भी संपर्क किया था और उनकी बातें सुनी थी। समिति ने आंशिक रूप से खुले में और आंशिक रूप से कैमरे में प्रभावित परिवार के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए अपनी जांच की। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकला है कि इंडिगो कर्मचारियों द्वारा यात्रियों के अनुचित संचालन का संकेत देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप लागू नियमों के साथ कुछ गैर-अनुपालन होते हैं।
एयरलाइन को अगले दस दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देना होगा। समय सीमा 26 मई को समाप्त हो रही है। डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो की प्रतिक्रिया के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि यह घटना 7 मई की है। इंडिगो के एक मैनेजर ने रांची एयरपोर्ट पर एक दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया था। इस दौरान बच्चे के परिजनों और एयरलाइन स्टाफ के बीच काफी देर तक बहसबाजी हुई थी। जानकारी के अनुसार, दिव्यांग बच्चा फ्लाइट में चढ़ने से डर रहा था। उसके माता-पिता उसे शांत करने में लगे थे। इस बीच इंडिगो कर्मियों ने बच्चे को विमान में चढ़ाने से मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इससे अन्य यात्रियों को खतरा है।












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