राहुल गांधी की 'अयोग्यता' को लेकर लाल किले के पास प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए कई कांग्रेस नेता
कांग्रेस ने विपक्षी दलों की एकजुटता के साथ सत्ता पक्ष को घेरने का प्लान बनाया। इसके तहत होने वाले एक कैंपेन में शामिल होने लाल किले के पास पहुंचे कांग्रेस नेताओं पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सूरत सेशन कोर्ट से दो साल की सजा मिलने के बाद उनकी संसद सदस्यता खत्म चुकी है। इसके अब उन्हें सरकार बंगला खाली करने के लिए भी नोटिस भेजा गया है। ऐसे में कांग्रेस ने अब सत्ता पक्ष को घेरने का बड़ा प्लान बनाया है। कांग्रेस मंगलवार शाम 7 बजे 'लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च' शुरू करने वाली थी। लेकिन पुलिस ने लाल किला इलाके में बैरिकेडिंग कर दी। विरोध करने के लिए एकत्र हुए कई कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए।
मंगलवार को 'लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च' में शामिल होने पहुंचे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया गया। ये सभी संसद से राहुल गांधी की अयोग्यता के खिलाफ प्रदर्शन के लिए लाल किले के पास इकट्ठा हुए थे। दरअसल, पार्टी का 'लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च' शाम 7 बजे लाल किले से शुरू होने वाला था लेकिन पुलिस ने लाल किला इलाके में बैरिकेडिंग कर दी। कई कांग्रेस नेताओं के साथ बीआरएस सांसद केशव राव को विरोध स्थल पर देखा गया।
कांग्रेस ने पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में टाउन हॉल तक एक विरोध मार्च की योजना बनाई थी। जिसमें राहुल गांधी की संसद की अयोग्यता और लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर विरोध किया जाना था। ये प्रदर्शन राहुल गांधी को दो साल की सजा और उनकी संसद से अयोग्यता को लेकर मार्च महीने भर के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। जिसमें कांग्रेस सांसदों को मार्च के दौरान हाथों में जलती मशालें लेकर लाल किले पर इकट्ठा होने के लिए कहा गया था। लेकिन पुलिस ने विरोध स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
कांग्रेस के विरोध के बीच पवन खेड़ा की ओर पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी के सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वा कांग्रेस दिग्गज हरीश रावत ने कहा कि यदि वे (भाजपा) राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता समाप्त करने और उन्हें अपना घर खाली करने की साजिश कर सकते हैं, तो हम भी रणनीति भी बना रहे हैं। कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए संघर्ष करेगी। हरीश रावत ने कहा कि हम न्यायपालिका जाएंगे, और गांव, शहरों में लोगों के घर जाकर उनके संवाद करेंगे। उन्होंने कहा, "हम 'मशाल मार्च' निकालना चाहते थे लेकिन इतने सारे पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया और लोगों को हिरासत में लिया गया। केंद्र सरकार विपक्षी एकता से डरी हुई है। हम इस मुद्दे को ब्लॉकों, गांवों में ले जाएंगे। लोकतंत्र खतरे में है, हमें इसकी रक्षा करने की जरूरत है।"
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