राहुल गांधी के Tweet पर बोली BJP- 'नोटबंदी थी जरूरी, मिला डिजिटल ट्रांसेक्शन को बढ़ावा'
नई दिल्ली। 'नोटबंदी' को आज चार साल पूरे हो गए हैं, कांग्रेस हमेशा से 'नोटबंदी' का विरोध करती आई है, रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी करते हुए 'नोटबंदी' को हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदारों पर आक्रमण बताया है, उन्होंने कहा कि ये गलती हुई नहीं, जानबूझकर की गई थी, राहुल गांधी ने नोटबंदी को राष्ट्रीय त्रासदी बताते हुए लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही है। मालूम हो कि 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अचानक से रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया था।
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केवल राहुल गांधी ने ही नहीं बल्कि कांग्रेस के कई नेताओं ने आज 'नोटबंदी' के मुद्दे पर ट्वीट करके मोदी सरकार को घेरा है, जिस पर अब पलटवार बीजेपी ने किया है, रविवार को भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने एक प्रेसवार्ता के जरिए देश की जनता को 'नोटबंदी' के 4 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा नेता ने कहा कि नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने में मदद मिली, इसके कारण अर्थव्यवस्था औपचारिक रूप से मजबूत हुई और बड़ी संख्या में गरीबों की मदद की गई लेकिन कुछ लोगों के ये बात समझ नहीं आएगी।
मोदी सरकार के तीन प्रमुथ लक्ष्य
भाजपा नेता ने कहा कि साल 2014 में जब मोदी सरकार आई थी तो उसने तीन लक्ष्यों को पूरा करने का प्रण लिया था, जिसे वो आज समय के साथ पूरे हो रहे हैं, उन्होंने कहा कि बीजेपी का पहला लक्ष्य था भारत को मजबूत करना, दूसरा हवाला के जरिए आ रही फंडिग को रोकथाम करना और तीसरा लक्ष्य था भारत के हर नागरिक की आमदनी को बढ़ाना, इसी लक्ष्य के तहत देश में 'नोटबंदी' की गई थी।
यहां देखें: भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर की PC का वीडियो
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि 'नोटबंदी' के बाद से देश में डिजिटल ट्रांसेक्शन को बढ़ावा मिला है, अक्टूबर 2020 के दौरान देश में 207.16 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए, NPCI के अनुसार अब तक 3.86 लाख लाख करोड़ रुपये के UPI ट्रांजेक्शन हो चुके हैं, देश में पारदर्शिता आई है और हमारे इकोनॉमी का प्रौसेस क्लीन हुआ और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
कांग्रेस से साफ-सुथरी चीजें बर्दाश्त नहीं हो रही हैं
साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दस साल में देश में क्या-क्या हुआ है, सबको पता है कि 'नोटबंदी' के बाद उनके विदेशों में फंसे अवैध काले निवेश सबके सामने आ गए, उनसे साफ-सुथरी चीजें बर्दाश्त नहीं हो रही हैं, उनके पास कहने के लिए कुछ है ही नहीं इसलिए वो बातों को तोड़-मरोड़ को पेश करते हैं और गलत संदेश देते हैं, जैसा कि उन्होंने आज 'नोटबंदी' पर किया है।












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