दिल्ली के भव्य सुनेजा उड़ा रहे थे इंडोनेशिया के लॉयन एयर जेट को, परिवार ने गंवाया अपना बेटा
नई दिल्ली/जकार्ता। सोमवार की सुबह इंडोनेशिया से एक बुरी खबर लेकर आई जब लॉयन एयर का पैसेंजर जेट समंदर में क्रैश हो गया। इस जेट में 188 लोग सवार थे और अब इन सभी लोगों के मारे जाने की आधिकािरिक पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद अब भारत की नजरें भी आधिकारिक बयान पर हैं क्योंकि प्लेन के पायलट भारतीय थे। दिल्ली के भव्य सुनेजा इस प्लेन को उड़ा रहे थे जब यह दुर्घटना का शिकार हुआ। इस खबर के आने के बाद से ही भव्य का कुछ पता नहीं लग पा रहा था और उनके परिवार की नजरें हर सेकेंड टीवी पर आ रही इससे जुड़ी खबरों पर टिकी थींं, इस उम्मीद पर कि क्या पता कोई अच्छी खबर मिल जाए।

मार्च 2011 में बने थे लॉयन एयर का हिस्सा
भव्य सुनेजा ने मार्च 2011 में लॉयन एयर का ज्वॉइन किया था जो कि इंडोनेशिया की लो कॉस्ट एयरलाइन सर्विस है। दिल्ली के मयूर विहार के रहने वाले सुनेजा जिस प्लेन के पायलट थे वह जावा समंदर में क्रैश हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनेता ने मयूर विहार के ही एल्कॉन पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की थी। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से दी गई जानकारी में एक सीनियर अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि सुनेजा, भारत वापस लौटने के बारे में सोच रहे थे। इस अधिकारी ने बताया, 'जुलाई में हमारी बात हुई थी और वह काफी मृदुभाषी व्यक्ति थे। उनके पास बी737 के एक्सीडेंट से पहले एक्सीडेंट फ्री फ्लाइंग का अनुभव था। हम चाहते थे कि वह यहीं हमारे पास रहे क्योंकि उनका रिकॉर्ड काफी अच्छा था।' इस अधिकारी ने आगे कहा कि उन्होंने सिर्फ एक ही अनुरोध की थी उन्हें पोस्टिंग दिल्ली में चाहिए थी क्योंकि वह यहीं के रहने वाले थे।
13 मिनट के अंदर हुआ हादसे का शिकार
लॉयन एयर को जो पैसेंजर जेट क्रैश हुआ है उसे जकार्ता वापस लौटने को कहा गया था। लेकिन 13 मिनट के अंदर ही जकार्ता से टेक ऑफ करने के बाद यह रडार से गायब हो गया। इंडोनेशिया की डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नूग्रोहो ने मलबे की कुछ फोटोग्राफ ट्वीट की हैं। इन फोटोग्राफ में पूरी तरह से खत्म हो चुका एक मोबाइल फोन भी नजर आ रहा है। सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के प्रवक्ता युसुफ लतीफ ने बताया कि अथॉरिटीज प्लेन की तलाश कर रही हैं। इस जेट का संपर्क भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे रडार से उस समय टूट गया जब यह पंगकल पिनांग के रास्ते में था। लतीफ ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि प्लेन समंदर में करीब 30 से 40 फीट गहरे में क्रैश हुआ है। इंडोनेशिया के सिविल एविएशन के महानिदेशक सिंदू रहायू ने बताया कि जेट में 178 व्यस्क, एक बच्चा और दो नवजात सवार थे। इसके साथ ही दो पायलट्स और पांच फ्लाइट अटेंडेंट सवार थे।

हवाई यातायात की हालत इंडोनेशिया में खस्ता
सिविल एविएशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जेट को रडार से गायब होने से पहले बेस पर वापस आने को कहा गया था। यह जेट बोइंग 737 था। इंडोनेशिया में परिवहन काफी हद तक हवाई यातायात पर निर्भर है जो यहां पर मौजूद द्वीपों को आपस में जोड़ता है। लेकिन यहां पर नागरिक उड्डयन सुरक्षा के लिहाज से काफी खतरनाक है। हाल के कुछ वर्षों में यहां पर काफी जानलेवा हादसे हुए हैं। अगस्त में एक जेट पहाड़ियों में क्रैश हो गया था। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और सिर्फ 12 वर्ष का एक बच्चा जिंदा बच सकता था। अगस्त 2015 में एक पैसेंजर एयरक्राफ्ट के क्रैश होने के बाद 54 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले साल 2014 में एयर एशिया के एक प्लेन के क्रैश होने की वजह से 162 लोगों की मौत हो गई थी।












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