Red fort blast : दोषी अशफाक की फांसी की सजा बरकरार, SC ने खारिज की पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने लाल किले पर साल 2000 में हुए हमले के दोषी मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा है। बता दें, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने 22 दिसंबर 2000 को लाल किले पर हमला किया था। इस आतंकवादी हमले में दो सैनिकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में लालकिला में घुसपैठ करने वाले दो आतंकवादी भी मारे गए थे।

इस मामले में पाकिस्तान के एबटाबाद के मास्टरमाइंड मोहम्मद आरिफ समेत 11 लोगों को दोषी ठहराया गया था। 18 साल से फरार एक अन्य आतंकवादी बिलाल अहमद कावा को दिल्ली पुलिस और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने 2018 में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर गिरफ्तार किया था। 31 अक्टूबर 2005 को निचली अदालत ने आरिफ को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

delhi red fort blast case supreme court rejects review petition of convict mohd arif

आतंकी आरिफ ने 2013 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद साल 2014 में शीर्ष अदालत ने आरिफ की क्यूरेटिव याचिका भी खारिज कर दी थी। इसके बाद अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने दोषी की सजा को लेकर दायर की गई पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया है।

मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा, "हमने प्रार्थनाओं को स्वीकार कर लिया है कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उसका दोष सिद्ध होता है। हम इस अदालत द्वारा लिए गए विचार की पुष्टि करते हैं और समीक्षा याचिका को खारिज करते है।"

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